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Assam Tourism: भारत का सबसे शांत और अनोखा गांव, जहां सिर्फ एक परिवार का है बसेरा

Isolated Village India: असम का अनोखा गांव जिसके बारे में बेहद कम लोग जानते हैं वहां जाने का आप प्लान कर सकते हैं। वैसे तो इस गांव में कोई भी बुनियादी सुविधा नहीं है लेकिन फिर भी सिर्फ एक परिवार यहां निवास करता है। अलग-थलग पड़े इस गांव की यात्रा आपको कुछ अलग एहसास दे सकता है।

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Assam Tourism

Unexplored Indian Village: रोमांच की चाह हमेशा ही पर्यटकों को यूनीक ट्रैवल डेस्टिनेशन की तलाश करने को मजबूर करती हैं। अगर आप भी इसी तलाश में हैं और किसी अनदेखी जगह के साक्षी बनना चाहते हैं तो इस बार असम के नलबाड़ी जिले में बर्धनारा नामक गांव जाने का प्लान करें। ये गांव अपनी अनूठी विशेषताओं के लिए जाना जाता है। नलबाड़ी के मेडिकल कॉलेज से महज एक किलोमीटर की दूरी पर ये अनजाना गांव स्थित है।

यहां पहुंचना किसी कठिन यात्रा से कम नहीं है। गौर करने वाली बात ये है कि इस गांव में केवल एक ही परिवार (बिमल डेका का परिवार) निवास करता है। बिमल डेका और उनके परिवार ने पिछले 40 सालों से इस गांव में जीवन बिताया है। गांव में सड़कें नहीं होने के कारण, परिवार को बाहरी दुनिया से जुड़ने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है।

खबरों की मानें तो पहले इस गांव में अन्य परिवार भी रहते थे, लेकिन सुविधाओं की कमी के कारण सभी लोग यहां से चले गए। गांव में ना बिजली है और ना ही अन्य बुनियादी सुविधाएं। केवल एक सरकारी योजना, अरुणोदय, ही इस परिवार के लिए लाभकारी रही है।

जबकि आज के समय में हर कोई बड़े शहरों की यात्रा करना चाहता है, फिर भी हमारे देश के कुछ हिस्से ऐसे हैं जो अलग-थलग हैं - और बर्धनारा इसका प्रमाण है। बर्धनारा गांव असम में एक अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करता है, जहां एक ही परिवार कठिनाइयों का सामना करते हुए भी अपने अस्तित्व को बनाए रखे हुए है।

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प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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