Travel Trends: युवाओं खासतौर से Gen Z की सोच में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। आज की जनरेशन महंगी चीजें खरीदने से ज्यादा नई जगहों को एक्सप्लोर करने, नई चीजें सीखने और यादगार पल बनाने पर ज्यादा पैसे खर्च कर रही है। कुछ साल पहले तक लोगों के लिए महंगे फोन, ब्रांडेड कपड़े या लग्जरी सामान खरीदना स्टेटस दिखाने का एक तरीका माना जाता था। लेकिन अब समय के साथ ही लोगों की सोच भी बदली है।
युवाओं के लिए घूमना सिर्फ छुट्टी बिताने का तरीका नहीं बल्कि उनकी लाइफस्टाइल का हिस्सा भी है। हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में रहने वाले लोगों का यात्रा पर खर्च तेजी से बढ़ा है। खासकर युवा अब अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा ट्रैवल और नए अनुभवों पर खर्च कर रहे हैं।
सोशल मीडिया ने बढ़ाया घूमने का जुनून
यात्रा के बढ़ते ट्रेंड के पीछे सोशल मीडिया की अहम भूमिका है। इंस्टाग्राम, यूट्यूब और अन्य प्लेटफॉर्म्स से बड़ी संख्या में युवा जुड़े हुए हैं जिसकी वहज से दुनिया की खूबसूरत जगहों के बारे में वो अब ज्यादा जान पाते हैं। पहले जहां लोग सिर्फ साल में एक बार लंबी छुट्टी पर जाते थे, वहीं अब वीकेंड ट्रिप, रोड ट्रिप, ट्रेकिंग, म्यूजिक फेस्टिवल और वर्केशन जैसी चीजें काफी पॉपुलर हो गई हैं। पहाड़ों पर कुछ दिन बिताना हो, समुद्र किनारे सुकून के पल गुजारने हों या किसी नए शहर की संस्कृति को करीब से जानना हो, हर तरह के ट्रिप के बारे में युवाओं को सोशल मीडिया से पता चल ही जाता है।
छोटे शहरों से भी बढ़ रहा है ट्रैवल का चलन
ऐसा नहीं है कि सिर्फ बड़े शहरों के लोग तेजी से यात्रा कर रहे हैं बल्कि अब छोटे शहरों के लोग भी घूमने-फिरने पर पैसा लगा रहे हैं। बेहतर सड़कें, आसान हवाई सेवाएं और ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म ने यात्रा को पहले से काफी आसान बना दिया है। अब छोटे शहरों से भी लोग देश-विदेश की यात्राओं का प्लान बना रहे हैं। बजट एयरलाइंस, सस्ते होटल विकल्प और ट्रैवल वेबसाइट्स की वजह से कम बजट में भी घूमना संभव हो गया है। यही वजह है कि टियर-2 और टियर-3 शहरों से निकलने वाले यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
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डिजिटल पेमेंट से आसान हुई ट्रैवल प्लानिंग
आज के युवा यात्रा के दौरान डिजिटल पेमेंट को काफी पसंद करते हैं। UPI, ट्रैवल वॉलेट और ऑनलाइन बुकिंग सुविधाओं ने पूरी प्रक्रिया को बेहद आसान बना दिया है। अब फ्लाइट टिकट से लेकर होटल बुकिंग, कैब और खाने तक का भुगतान कुछ ही सेकंड में किया जा सकता है। इसके अलावा क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट्स और ट्रैवल ऑफर्स भी युवाओं को ज्यादा घूमने के लिए आकर्षित कर रहे हैं।
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वर्क फ्रॉम होम और हाइब्रिड कल्चर ने बदली यात्रा की आदत
काम करने के तरीके में आए बदलाव ने भी यात्रा के बढ़ते चलन को बढ़ावा दिया है। हाइब्रिड और रिमोट वर्क कल्चर की वजह से कई युवा अब काम के साथ घूमने का प्लान बना पा रहे हैं। अब लोग सिर्फ सालाना छुट्टियों का इंतजार नहीं करते, बल्कि लंबे वीकेंड को छोटी ट्रिप में बदल देते हैं। कई लोग पहाड़ों, समुद्र किनारे या शांत जगहों से काम करते हुए वर्केशन का आनंद ले रहे हैं।
