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Travel Trend: अब प्लान नहीं, इमोशन तय कर रहा है सफर, जानें क्यों बढ़ रहा है Rage Booking ट्रेंड

Travel Trend: रेज बुकिंग का ट्रेंड तेजी से पॉपुलर हो रहा है जो यह दिखाता हैं कि लोग अब अपने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा जागरूक हो रहे हैं।

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इमोशन तय कर रहा है सफर (फोटो: AI)

Travel Trend: युवा प्रोफेशनल्स, खासकर जनरेशन Z और मिलेनियल्स के बीच एक नया ट्रैवल ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है जिसे- रेज बुकिंग कहा जा रहा है। इसका मतलब है जब इंसान अचानक बहुत स्ट्रेस, गुस्सा या मानसिक थकान महसूस करता है, तो वह बिना ज्यादा प्लानिंग के तुरंत ट्रैवल बुक कर लेता है और सुकून की तलाश में कहीं निकल जाता है। सीधे शब्दों में कहें तो अब ये सिर्फ घूमने-फिरने की आदत नहीं रह गई है, बल्कि कई लोगों के लिए ये एक तरह का मेंटल ब्रेक बन गया है।

भारत में बढ़ता ट्रेंड

भारत में भी यह ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। खासकर 25 से 45 साल के लोगों के बीच अचानक बुकिंग और छोटी ट्रिप्स का चलन बढ़ा है। अब लोग लंबी छुट्टियों का इंतजार नहीं करते, बल्कि जैसे ही मौका मिलता है, तुरंत कहीं निकल जाते हैं। ट्रैवल कंपनियों के डेटा के मुताबिक, अब लोग कम समय की ट्रिप ज्यादा पसंद कर रहे हैं, और अचानक की गई बुकिंग्स में भी बढ़ोतरी देखी गई है।

क्यों बढ़ रही है अचानक ट्रिप बुक करने की आदत?

ऑफिस का प्रेशर, डेडलाइन, लगातार स्क्रीन टाइम और काम का तनाव इन सबका असर सीधा दिमाग पर पड़ता है। ऐसे में लोग लंबे समय तक छुट्टी प्लान नहीं कर पाते। इसी वजह से कई लोग अब अचानक फैसला लेते हैं और फ्लाइट या ट्रेन बुक करके निकल जाते हैं। उनके लिए ये ट्रिप किसी लग्जरी से ज्यादा एक जरूरत बन जाती है। कई लोग बताते हैं कि जब तनाव बहुत बढ़ जाता है, तो घर में बैठकर और सहना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में एक छोटी सी ट्रिप उन्हें मानसिक राहत देती है।

रेज बुकिंग के पीछे का असली कारण

मेंटल स्ट्रेस और बर्नआउट- रेज बुकिंग का सबसे बड़ा कारण है। आज के युवा प्रोफेशनल्स अक्सर लंबे समय तक काम करते हैं और छुट्टी लेना आसान नहीं होता। कई बार ऑफिस की जिम्मेदारियों की वजह से वे मानसिक रूप से थक जाते हैं। ऐसे में अचानक कहीं घूमने जाना उन्हें एक तरह का रीसेट बटन जैसा लगता है। कुछ दिनों की ट्रिप उन्हें फिर से फ्रेश और एक्टिव महसूस कराती है।

असल जिंदगी का उदाहरण

SQB कंपनी के युवा संस्थापक शुभम शाह ने बताया कि उन्होंने एक रात 2 बजे बिना किसी को बताए फ्लाइट बुक कर ली थी। उनके लिए ये सिर्फ एक ट्रिप नहीं थी, बल्कि खुद को संभालने का तरीका था। इसी तरह कई प्रोफेशनल्स का कहना है कि जब काम का दबाव बहुत बढ़ जाता है, तो वे वीकेंड पर या अचानक छुट्टी लेकर कहीं दूर निकल जाते हैं।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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