महाराष्ट्र सरकार ने अग्निवीरों के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में 29 सितंबर 2026 को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने को मंजूरी दी गई। यह व्यवस्था सैन्य सेवा के चार साल पूरे करने के बाद सेवा से बाहर होने वाले अग्निवीरों के लिए होगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अनुसार, चार साल की सैन्य सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों को राज्य सरकार की सेवाओं में समायोजित करने की दिशा में यह फैसला लिया गया है। कैबिनेट ने सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने पर मुहर लगाई है।
कैबिनेट के फैसले के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार पूर्व अग्निवीरों को राज्य पुलिस और अन्य वर्दीधारी सरकारी सेवाओं में शामिल करने की नीति तैयार करेगी। उन्हें संबंधित भर्ती प्रक्रिया में नई परीक्षा देने और दोबारा प्रशिक्षण लेने से छूट देने का भी प्रावधान किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग इस संबंध में विस्तृत नीति तैयार करेगा।
वर्दीधारी सेवाओं में भी अवसर
सरकार के फैसले के तहत अग्निवीरों को समूह-क की वर्दीधारी सेवाओं में नियुक्ति का अवसर मिलेगा। राज्य सरकार की ओर से इसके लिए सेवा नियमों और नियुक्ति की प्रक्रिया को तय किया जाएगा। इससे चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने के बाद बाहर आने वाले अग्निवीरों के लिए महाराष्ट्र में सरकारी सेवा का एक रास्ता तैयार होगा।
एमपी सरकार ने भी लिया फैसला
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की युवाओं को सशक्त बनाने की मंशा के अनुरूप मंत्रिपरिषद ने प्रदेश की वर्दीधारी सेवाओं में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मंत्रि-परिषद के निर्णय अनुसार अब गृह विभाग के अंतर्गत आरक्षक (सामान्य ड्यूटी)की भर्ती में होमगार्ड को 10, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। इसी तरह गृह विभाग अंतर्गत विशेष सशस्त्र बल में होमगार्ड को 10, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों 20 प्रतिशत, जेल विभाग अंतर्गत जेल प्रहरी में होमगार्ड को 15, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों को 20, वन विभाग अंतर्गत वन रक्षक में होमगार्ड को 15, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत तथा वाणिज्यिक कर विभाग अंतर्गत आबकारी आरक्षक में होमगार्ड को 10, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण (हॉरिजेन्टल) दिये जाने का निर्णय लिया गया है।
