यात्रा

Tourist Places Near Kausani: भारत का मिनी स्विट्जरलैंड है कौसानी, आसपास घूमने की ये हैं सुंदर और शानदार जगहें

  • Authored by: दीपक पोखरिया
  • Updated Jun 23, 2023, 02:38 PM IST

Tourist Places Near Kausani: कौसानी अपने बर्फ से ढके पहाड़ों, धुंध भरी घाटियों, शानदार देवदार के जंगलों और प्राचीन सुंदरता के लिए जाना जाता है। इसे भारत का मिनी स्विट्जरलैंड भी कहा जाता है। सिर्फ कौसानी ही नहीं, उसके आसपास भी घूमने की कई सारी जगहें हैं, जहां आप आसानी से घूम सकते हैं।

Image

Tourist Places Near Kausani: कौसानी के आसपास घूमने की बढ़िया जगहें।

Photo : iStock

Tourist Places Near Kausani: भारत (India Tourism) में यूं तो आमतौर पर लोग किसी भी महीने में घूमने (Travel) का प्लान बनाते हैं, लेकिन गर्मी (Summer) के मौसम में ज्यादातर लोग कहीं न कहीं घूमने का प्लान करते ही हैं। दरअसल गर्मी के मौसम में भीषण गर्मी पड़ती है, जिससे बचने के लिए लोग हिल स्टेशन (Hill Station) या किसी ऐसी जगह जाना पसंद करते हैं, जहां उन्हें आराम मिल सके। हिल स्टेशन के लिए लोग पिछले कुछ सालों से उत्तराखंड (Uttarakhand Tourism) आ रहे हैं। उत्तराखंड में कई सारे ऐसे हिल स्टेशन हैं, जहां बाहर से टूरिस्ट (Tourist) घूमने के लिए साल के 12 महीनों आता ही है। ऐसा ही एक हिल स्टेशन है कौसानी (Kausani)। कौसानी उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के बागेश्वर जिले में आता है। यहां आकर आप 350 किलोमीटर तक फैली बर्फ से ढकी हिमालय श्रृंखला का सबसे सुंदर दृश्य प्रस्तुत करता है। दिल्ली (Delhi) से कौसानी की दूरी 435 किलोमीटर है। सिर्फ कौसानी ही नहीं, उसके आसपास भी घूमने की कई सारी जगहें हैं, जहां आप आसानी से घूम सकते हैं। ऐसे में आज हम आपको कौसानी के आसपास घूमने की कुछ सुंदर और बढ़िया जगह के बारे में बता रहे हैं।

कौसानी के आसपास घूमने की बढ़िया और सुंदर जगहें (Tourist Places Near Kausani)

बैजनाथ मंदिर (Baijnath Temple)

कौसानी के आसपास घूमने की बढ़िया जगहों में से एक है बैजनाथ मंदिर। बैजनाथ मंदिर मुख्य कौसानी से 17 किलोमीटर दूर है, जो उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में गोमती नदी के तट पर स्थित है। बैजनाथ मंदिर 11वीं शताब्दी के आसपास कत्यूरी राजाओं की ओर से बनवाए गए हजारों साल पुराने मंदिरों का एक समूह है। ये मंदिर वैजनाथ को समर्पित है और इसे भारतीय पुरातत्व विभाग सर्वेक्षण द्वारा राष्ट्रीय हित के स्मारक के रूप में भी मान्यता प्राप्त है।

रानीखेत (Ranikhet)

कौसानी के आसपास घूमने के लिए आप रानीखेत जा सकते हैं। रानीखेत अपनी भव्य घास के मैदानों और हिमालय के मनोरम दृश्य के लिए जाना जाता है। साथ ही रानीखेत का मौसम आपको अपनी ओर मंत्रमुग्ध कर देगा। ये कौसानी से 52 किलोमीटर और अल्मोड़ा शहर से 45 किलोमीटर दूर है। रानीखेत में आपको घूमने के लिए कई सारी चीजें मिलेंगी। विदेशी टूरिस्ट भी आपको यहां दिखाई देंगे। गर्मी में यहां आप अपने परिवार के साथ अच्छे से समय बिता सकते हैं। यहां रहने के लिए आपको बढ़िया से बढ़िया होटल मिल जाएंगे।
Kausani View

Kausani View

रुद्रधारी वाटरफॉल (Rudradhari Waterfall)

रुद्रधारी वाटरफॉल कौसानी से लगभग 10 किलोमीटर दूर है। यहां पहुंचने के लिए आपको 2 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी होगी। कौसानी आने वाला टूरिस्ट वाटरफॉल पर जरूर आता है।

सोमेश्वर मंदिर (Someshwar Temple)

सोमेश्वर मंदिर कौसानी से 12 किलोमीटर दूर है। इस मंदिर का निर्माण 16वीं शताब्दी के आसपास हुआ था, लेकिन मंदिर में 16वीं शताब्दी की तुलना में कहीं अधिक देवी-देवता हैं। कहा जाता है कि मंदिर के देवता 7-15 शताब्दी के हैं। मंदिर के मुख्य देवता शिव लिंग, ब्रह्मा, गणेश और लकुलेश हैं। कौसानी आने पर आपको यहां जरूर आना चाहिए। आप अपने पूरे परिवार के साथ आसानी से यहां पहुंचकर मंदिर के अच्छे से दर्शन कर सकते हैं।
दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

और पढ़ें
End of Article