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पर्यटक उठा सकेंगे टाइगर सफारी का मजा, जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क घूमने का बना लो प्लान

वन्यजीव संरक्षण पर जोर देते हुए Nahargarh Biological Park में टाइगर सफारी का उद्घाटन कर दिया गया है। 30 हेक्टेयर की सफारी के निर्माण में 453 लाख रुपये की लागत लगी है और इसमें 7 किमी का ट्रैक है। इस पहल का उद्देश्य पर्यटन और बाघ संरक्षण जागरूकता को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा देना है।

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Tiger Safari

Tiger Safari At Nahargarh Biological Park: जयपुर में नवीनतम आकर्षण एक नए युग की शुरुआत करने को पूरी तरह से तैयार है। दूर-दूर से प्रकृति प्रेमियों और वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक नवीनतम टाइगर सफारी की शुरुआत होने जा रही है। हाल के विकास के अनुसार, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नाहरगढ़ जैविक पार्क में टाइगर सफारी का उद्घाटन कर दिया है जिसे राज्य के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने पार्क में पैदा हुए दो बाघ शावकों का नाम भी रखा, मादा शावक का नाम 'स्कंदी' और नर शावक का नाम 'भीम' रखा गया है। 30 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली सफारी को 453 लाख रुपये की लागत से विकसित किया गया है और इसमें 7 किमी का ट्रैक है, जहां आप प्राकृतिक आवास में बाघों को देखने का लुत्फ उठा सकते हैं।

टाइगर सफारी नाहरगढ़ जैविक पार्क का नवीनतम संयोजन है, जिसमें पहले से ही एक शेर सफारी है। रिपोर्ट के अनुसार, जयपुर विकास प्राधिकरण और वन विभाग ने टाइगर सफारी नामक इस परियोजना को मूर्त रूप देने के लिए हाथ मिलाया है। मालूम हो कि इन लगातार प्रयासों का ही फल है कि अब राज्य की आबादी में लगभग 130 बाघ हो गए हैं।

बता दें कि मुख्यमंत्री ने वन्यजीव सप्ताह के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि आने वाली पीढ़ियों के लिए वन्यजीव और पर्यावरण की रक्षा करना कितना महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने वन्यजीव सप्ताह के दौरान छात्रों के लिए नाहरगढ़ जैविक उद्यान में मुफ्त प्रवेश की पेशकश करते हुए युवाओं को संरक्षण प्रयासों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित भी किया।

prabhat sharma
प्रभात शर्मा author

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–... और देखें

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