Summer Travel: नीले पानी, सफेद रेत और चारों तरफ फैली शांति लक्षद्वीप (Lakshadweep) आजकल हर ट्रैवल लवर की ड्रीम डेस्टिनेशन बन चुका है। अगर आप भी यहां जाने का प्लान बना रहे हैं, तो सिर्फ टिकट बुक करना ही काफी नहीं है। सही समय, सही तैयारी और कुछ जरूरी टिप्स जान लेना बहुत जरूरी है, वरना ट्रिप का मजा थोड़ा फीका पड़ सकता है।
लक्षद्वीप जाने का सही समय कौन सा है?
अगर आप अप्रैल-मई में लक्षद्वीप जाते हैं तो थोड़ी गर्मी और उमस जरूर महसूस होगी, लेकिन पानी के खेलों के लिए यह समय भी ठीक-ठाक माना जाता है।लक्षद्वीप घूमने के लिए सबसे बढ़िया समय अक्टूबर से मार्च के बीच का माना जाता है। इस दौरान मौसम न ज्यादा गर्म होता है और ना ही ज्यादा ठंडा। समुद्र का पानी भी बिल्कुल साफ और शांत रहता है, जिससे आप आराम से स्कूबा डाइविंग, स्नॉर्कलिंग और कयाकिंग जैसी एक्टिविटीज का मजा ले सकते हैं। इस समय तापमान लगभग 27°C से 32°C के बीच रहता है, जो बीच पर घूमने के लिए एकदम परफेक्ट है।
मानसून में क्यों नहीं जाना चाहिए
जून से सितंबर के बीच यहां भारी बारिश होती है और समुद्र काफी उग्र हो जाता है। ऊंची लहरें और खराब मौसम के कारण कई बार ट्रैवल और वाटर एक्टिविटीज बंद भी हो जाती हैं। इसलिए अगर आप पहली बार जा रहे हैं तो मानसून सीजन से बचना ही बेहतर है।
ट्रैवल से पहले ये बातें जरूर ध्यान रखें
लक्षद्वीप जाने से पहले थोड़ी प्लानिंग बहुत जरूरी है। यहां सीधे हर किसी को एंट्री नहीं मिलती, इसके लिए परमिट लेना पड़ता है। अच्छी बात यह है कि अब प्रक्रिया पहले से आसान हो गई है और कई बार पुराने पुलिस वेरिफिकेशन (PCC) की झंझट भी नहीं रहती। आपको अपना होटल और परमिट पहले से बुक करना चाहिए क्योंकि यहां सीमित ही टूरिस्ट एंट्री होती है। अचानक जाकर प्लान करना रिस्क भरा हो सकता है।
बिल्कुल ना भूलें ये बात
लक्षद्वीप का मौसम ट्रॉपिकल है, यानी ज्यादा गर्म और नम। इसलिए हल्के कॉटन कपड़े, सनस्क्रीन, सनग्लास और कैप जरूर साथ रखें। अगर आप पानी में एक्टिविटीज करने वाले हैं तो अतिरिक्त कपड़े और वॉटरप्रूफ बैग भी काम आएंगे।
यह लेख मूल रूप से गौरंगी (Gaurangi) द्वारा लिखा गया है, वह टाइम्स नाउ नवभारत के साथ बतौर इंटर्न जुड़ी हुई हैं।
