यात्रा

मेघालय का वो झरना जिसे देखकर ठहर जाए वक्त, नजारा देख आनंद महिंद्रा भी हुए फैन!

भारत के नॉर्थ ईस्ट इलाके में मौजूद मेघालय सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि कुदरत का वह कैनवास है जहां आपको बादल और धरती के बीच काफी खूबसूरत नजारे देखने को मिल जाएंगे। हाल ही में दिग्गज उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने एक ऐसे ही खूबसूरत झरने की वीडियो साझा की है। आइए जानते हैं इसके बारे में...

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मेघालय का खूबसूरत झरना (Photo - Social Media)

Seven Sisters Waterfalls Meghalaya: भारत के पूर्वोत्तर कोने में बसा मेघालय सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि कुदरत का वह खूबसूरत कैनवास है जहां बादल और जमीन अक्सर गले मिलते नजर आते हैं। इसी जादुई प्रदेश के ईस्ट खासी हिल्स जिले में 'सेवन सिस्टर्स वॉटरफॉल्स' स्थित है। इस खूबसूरत झरने का वीडियो हाल ही में दिग्गज उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने जब सोशल मीडिया पर साझा किया तो लोग इसके बारे में अधिक जानने लगे। आनंद महिंद्रा ने इसे "Poetry in Motion" (गतिशील कविता) लिखा। जबकि स्थानीय लोग इसे 'नोहसिंगिथियांग' (Nohsngithiang) के नाम से जानते हैं। यह झरना लोगों को प्रकृति का शानदार अहसास कराता है।

प्रकृति की सात धाराएं

अपनी अनोखी बनावट से पहचान रखने वाला ये झरना करीब 315 मीटर (1,033 फीट) की विशाल ऊंचाई से गिरता है। यह झरना चूना पत्थर की खड़ी चट्टानों से सात अलग-अलग धाराओं में फूटता है। इसका नजारा ऐसा लगता है कि प्रकृति ने अपनी सात बेटियों को पहाड़ों की गोद में खेलने के लिए छोड़ दिया हो। सात धाराओं के कारण ही इस झरने को 'सेवन सिस्टर्स' के नाम से भी जाना जाता है।

खूबसूरत नजारे

सोहरा एक ऐसी जगह है जहां दुनिया में सबसे ज्यादा बारिश होती ही। इसे पहले चेरापूंजी के नाम से जाना जाता था। वहीं सेवन सिस्टर्स वॉटरफॉल भारी बारिश के मौसम में अपने अपनी रूप में सामने आता है। यदि आप इस झरने का खूबसूरत नजारा देखना चाहते हैं, तो आपको मानसून के सीजन में यहां जाने का प्लान बनाना चाहिए।

कैसे जाएं देखने?

अगर आप भी इस 'लाइव कविता' (झरने को देखना) का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो आपकी यात्रा मेघालय की राजधानी शिलांग से शुरू होगी। शिलांग हवाई अड्डे से इस झरने की दूरी लगभग 80 किलोमीटर है। यह झरना मावसई गांव में मौजूद है। शिलांग से मावसई तक का सफर बेहद खूबसूरत नजारों वाला है। यहां घूमने के लिए सबसे बेस्ट समय जून से सितंबर के बीच का है। इस दौरान यह झरना अपने पूरे शबाब पर रहता है।

लोकल कहानी और किस्से

स्थानीय लोककथाओं और परंपराओं में भी इस झरने का खास स्थान है। कुछ लोग इसे सात बहनों की लोरी से जोड़कर देखते हैं, यही कारण है कि यह स्थल प्राकृतिक और सांस्कृतिक दृष्टि दोनों से विशेष अहम् है। जब आप वहां खड़े होकर पानी की आवाज, बादलों की गड़गडाहट और घाटी का संगीत सुनेंगे, तो आपको भी “poetry in motion” जैसा अनुभव होगा।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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