Rome Colosseum: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ कोलोसियम का दौरा किया और उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की है। अगर आप इतिहास और पुरानी इमारतों में थोड़ा भी इंटरेस्ट रखते हैं, तो कोलोसियम का नाम आपने जरूर सुना होगा। ये इटली के रोम शहर में बना एक बहुत ही विशाल और मशहूर ऐतिहासिक स्टेडियम है। कोलोसियम का निर्माण करीब 2000 साल पहले हुआ था। रोमन सम्राट वेस्पासियन ने लगभग 70-72 ईस्वी के बीच इसका निर्माण शुरू कराया था और उनके बेटे टाइटस ने 80 ईस्वी में इसे पूरा करवाया।
कोलोसियम का इस्तेमाल उस वक्त मुख्य रूप से मनोरंजन के लिए किया जाता था। यहां पर ग्लैडिएटर लड़ाइयां होती थीं, जिसमें योद्धा आपस में या फिर जंगली जानवरों के साथ लड़ते थे। ये मुकाबले कई बार जानलेवा भी साबित होते थे। रोम के लोग इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में कोलोसियम में इकट्ठा होते थे। कोलोसियम में होने वाली लड़ाई को उस समय का सबसे बड़ा एंटरटेनमेंट माना जाता था।
1- कोलोसियम की सबसे खास बात
कोलोसियम की बनावट इसकी सबसे खास बात है। लाखों लोग आसानी से अंदर-बाहर आ जा सकें इसके लिए यहां 80 एंट्रेस थे। 76 दरवाजे आम जनता के लिए इस्तेमाल होते थे ताकि भीड़ आसानी से अंदर-बाहर जा सके। बाकी 4 खास दरवाजे बहुत महत्वपूर्ण लोगों और खास कामों के लिए बनाए गए थे। यहां बैठने की अलग-अलग व्यवस्था थी ऊपर आम लोग बैठते थे और नीचे VIP लोग विराजमान होते थे।
ग्लैडिएटर्स (योद्धा) के लिए दो अलग दरवाजे थे (एक जीवन का और एक मृत्यु का)
गेट ऑफ लाइफ: जहां से ग्लैडिएटर्स मैदान में उतरते थे।
गेट ऑफ डेथ: जहां से हारने वाले योद्धाओं के शव बाहर ले जाए जाते थे।
2- कोलोसियम का असली नाम
आज हम इसे कोलोसियम के नाम से जानते हैं, लेकिन शुरू में इसका नाम- फ्लेवियन एम्फीथिएटर था। यह नाम उस फ्लेवियन राजवंश से आया था जिसने उस समय रोम पर शासन किया था। बाद में इसका नाम बदलकर कोलोसियम पड़ गया, जो पास में खड़ी एक विशाल मूर्ति- Colossus of Nero से जुड़ा माना जाता है।

बेहद खास है कोलोसियम (फोटो: instagram/tripadvisor)
3- जूलियस सीजर ने कभी कोलोसियम देखा ही नहीं
अक्सर लोग सोचते हैं कि जूलियस सीजर ने कोलोसियम में लड़ाइयां देखी होंगी, लेकिन सच यह है कि ऐसा नहीं हुआ। कोलोसियम का निर्माण 80 CE में पूरा हुआ था, जबकि जूलियस सीजर की हत्या इससे करीब 125 साल पहले हो चुकी थी। यानि दोनों एक ही समय में मौजूद ही नहीं थे।
4- 2000 साल बाद भी मजबूत खड़ा है कोलोसियम
इतनी पुरानी इमारत होने के बावजूद कोलोसियम आज भी काफी हद तक सुरक्षित है। कई भूकंपों ने इसे नुकसान पहुंचाया, खासकर इसके दक्षिणी हिस्से को। उस टूटे हुए मलबे का इस्तेमाल बाद में रोम की कई चर्च और इमारतें बनाने में किया गया। 1800 के बाद से इसकी लगातार मरम्मत और संरक्षण किया जा रहा है।

2000 साल बाद भी मजबूत खड़ा है कोलोसियम (फोटो: Tripadvisor)
5- जहां पहले झील थी, वहां बना कोलोसियम
जहां आज कोलोसियम खड़ा है, वहां कभी एक कृत्रिम झील हुआ करती थी। यह झील रोमन सम्राट नीरो के भव्य महल Golden House का हिस्सा थी। लेकिन नीरो के बाद उस जगह को तोड़कर जनता के लिए इस्तेमाल किया गया और उसी जगह पर कोलोसियम बनाया गया।
6- कोलोसियम में एंट्री बिल्कुल फ्री थी
रोमन नागरिक जो लड़ाइयां और तमाशा देखने का शौक रखते थे उनके लिए कोलोसियम में एंट्री बिल्कुल फ्री थी। रोमन सम्राटों के लिए यह सिर्फ मनोरंजन नहीं था, बल्कि एक राजनीतिक चाल भी थी। वे इन खेलों के जरिए जनता का समर्थन जीतना चाहते थे और अपनी लोकप्रियता बढ़ाते थे। इसी वजह से रोमन नागरिकों के लिए कोलोसियम में एंट्री पूरी तरह मुफ्त थी। विदेशियों को कोलोसियम में बैठकर खेल देखने के लिए टिकट या फीस देनी पड़ती थी।

कोलोसियम टूरिस्ट स्पॉट (फोटो: Tripadvisor)
...और कोलोसियम का ग्लेडिएटर से कनेक्शन
ग्लेडिएटर फिल्म के लिए डायरेक्टर रिडली स्कॉट को असली कोलोसियम के अंदर शूटिंग करने की इजाजत तो मिल गई थी, लेकिन उन्होंने उसे यूज नहीं किया। वजह ये थी कि उन्हें उस दौर का कोलोसियम बिल्कुल नया और भव्य दिखाना था, जैसा प्राचीन रोम में होता होगा। इसलिए असली कोलोसियम की जगह माल्टा में एक पूरा मिलता-जुलता कोलोसियम सेट बनाया गया था। इसके अलावा कई बड़े सीन कंप्यूटर ग्राफिक्स से तैयार किए गए थे।
कोलोसियम घूमने की पूरी जानकारी
रोम में घूमने का परफेक्ट टाइम मार्च से मई होता है। इस दौरान मौसम ठंडा और सुखद रहता है। अगर आपको कम भीड़ चाहिए तो फिर सितंबर से नवंबर के बीच घूमने जा सकते हैं। वहीं अगर टिकट की बात करें तो कोलोसियम में टिकट अलग-अलग तरह के होते हैं। बेसिक एंट्री टिकट: लगभग €18 (करीब ₹1600-₹1700) का आपको मिल जाएगा हालांकि, ऑडियो गाइड और गाइडेड टूर के लिए अलग से चार्ज लगता है। बच्चों, छात्रों और EU नागरिकों को कभी-कभी डिस्काउंट भी मिलता है। कोलोसियम पूरे साल खुला रहता है, लेकिन समय सीजन के हिसाब से बदलता है। सुबह खुलता है-लगभग 8:30 AM, बंद होता है- गर्मियों में: 7:00 PM तक वहीं सर्दियों में टाइमिंग 4:30–5:00 PM तक होती है।
