देश में इस समय सनातन का सबसे बड़ा पर्व महाकुंभ का आयोजन उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में किया जा रहा है। 13 जनवरी से 26 फरवरी तक चलने वाला आस्था का महासंगम दुनिया का सबसे बड़ा जमावड़ा होता है। इस मेले में करोड़ों की संख्या में लोग पहुंचते हैं। वहीं इस बार का कुंभ इसलिए भी खास है क्योंकि यह 144 साल के बाद आयोजित किया जा रहा है। इस आस्था के महापर्व में लगभग 41 अलग-अलग देशों के 40 करोड़ लोगों के शामिल होने की संभावना है। यदि आप इस महाकुंभ में शामिल होने की योजना बना रहे हैं, तो आपको इससे पहले कुछ जान लेना चाहिए। आज हम आपको प्रयागराज की 3 ऐसी जगहों के बारे में बताएंगे जहां आपको संगम स्नान के बाद जरूर जाना चाहिए। इनमें कई ऐतिहासिक जगहों के साथ कई प्राचीन मंदिर भी शामिल हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...
1. लेटे हुए हनुमान जी का मंदिर
प्रयागराज शहर में मौजूद लेटे हुए हनुमान जी का एक प्राचीन मंदिर मौजूद है। इनके दर्शन के लिए लाखों लोग रोजाना पहुंचते हैं। लगभग 700 साल पुराना ये मंदिर प्रयागराज का प्रमुख धार्मिक केंद्र है। आप इस मंदिर के दर्शन संगम स्नान के बाद पहुंच सकते हैं।
2. मनकामेश्वर मंदिर
देवाधिदेव महादेव को समर्पित मनकामेश्वर मंदिर एक प्राचीन मंदिर है। संगम किनारे मौजूद मनकामेश्वर मंदिर प्रयागराज आने वाले लोगों के घूमने का प्रमुख केन्द्र होता है। मां गंगा, यमुना और सरस्वती के पवित्र जल में स्नान के बाद आप आप भगवान शंकर से दर्शन जरूर करें।
3. चंद्रशेखर आजाद पार्क
महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी चंद्रशेखर आजाद पार्क की स्मृति में तैयार किया गया ये पार्क प्रयागराज शहर में मौजूद है। साल 1931 में अंग्रेजों से लड़ाई लड़ते हुए चंद्रशेखर आजाद ने अपनी अंतिम गोली इसी पार्क में खुद को मार ली थी। कुंभ स्नान के बाद आपको यहां जरूर आना चाहिए।
