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देखना है प्रकृति का गजब नजारा तो जरूर देखें ये ऑफबीट ट्रेक, जीवन भर के लिए यादगार होगा एक्सपीरिएंस

Offbeat Trekking Routes In India : नेचर लवर्स पहाड़ों पर घूमना काफी पसंद करते हैं, वहीं ट्रैकिंग करना भी उनका एक पसंदीदा काम होता है। यदि आप ट्रैकिंग करने का प्लान बना रहा हैं, तो आपको ये शानदार ऑफबीट ट्रैक जरूर देखने चाहिए। जहां से आपको प्रकृति का काफी शानदार नजारा देखने को मिलेगा।

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offbeat trekking routes in india (Photo - Canva)

Offbeat Trekking Routes In India : भारत में ट्रैकिंग का शौक रखने वालों के लिए हिमालयी चोटियों से लेकर उत्तर-पूर्व के रहस्यमयी जंगलों तक अनेक फेमस ट्रैकिंग रूट्स मौजूद हैं। जहां आप भीड़-भाड़ से दूर, सुकून भरे नजारों और अनदेखी खूबसूरती का अनुभव कर सकते हैं। प्रकृति को काफी करीब से देखने के लिए ऑफबीट ट्रैकिंग रूट्स सबसे खास होते हैं। आज हम देश के कुछ कम चर्चित लेकिन बेहद खूबसूरत ट्रैकिंग रूट्स के बारे में बता रहे हैं। जहां आपको जीवन में एक बार तो जरूर जाना चाहिए। यहां की ट्रैकिंग के बाद आप ये नजारा जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे।

तवांग ट्रैक, अरुणाचल प्रदेश

भारत के नॉर्थ ईस्ट में मौजूद राज्य अरुणाचल प्रदेश अपनी नेचर ब्यूटी के लिए खास पहचान रखता है। यहां घूमना आपके लिए काफी रोमांचकारी अनुभव वाला होता है। अरुणाचल का तवांग ट्रैक आपको रोमांचक नजारों के साथ आध्यात्मिक अनुभव भी देता है। इस ट्रैक के चारों ओर बर्फ से ढके पहाड़ और बौद्ध मठ यहां की खूबसूरती को और बढ़ाते हैं। यहां कम भीड़-भाड़ के कारण ये एक ऑफबीट ट्रैक है।

चंद्रशिला ट्रैक, उत्तराखंड

उत्तराखंड में तुंगनाथ मंदिर के लिए जाने वाला ये ट्रेक बेहद खूबसूरत है। यहां से आपको नंदा देवी, त्रिशूल और चौखंबा पर्वतों का शानदार नजारा देखने को मिलता है। दुनिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर तुंगनाथ इस ट्रैक का सबसे बड़ा केंद्र है। इस मंदिर की धार्मिक मान्यता के कारण ये ट्रैक अपना आध्यात्मिक महत्व भी रखता है।

बरसु घाटी ट्रैक, उत्तराखंड

उत्तराखंड का बरसु घाटी ट्रैक पर्यटकों की भीड़ से काफी दूर है। उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में मौजूद ये ट्रैक कई छोटे-छोटे गांवों के बीच से गुजरता है। जहां आप उत्तराखंड की लोकल संस्कृति का करीब के नजारा ले सकते हैं। अप्रैल से अक्टूबर के बीच इस ट्रैक पर जाना सबसे अच्छा माना जाता है। इस ट्रैक की शुरुआत उत्तरकाशी से होती है, और ट्रैक की कुल दूरी 4 दिन में पूरी होती है।

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गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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