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मई-जून में भी बिता सकते हैं Himachal Pradesh में सुकून भरी छुट्टियां, शिमला-मनाली नहीं इन जगहों की कर लें प्लानिंग

  • Authored by: दीपक पोखरिया
  • Updated Apr 1, 2023, 12:44 PM IST

Himachal Pradesh Tourist Places: गर्मी से बचने के लिए खासतौर से उत्तर भारत के लोग पहाड़ी राज्यों में घूमने के लिए जाते हैं। पहाड़ी राज्यों के ऊंचाई वाले इलाकों में दिल्ली-यूपी की तरह गर्मी नहीं होती है मौसम ठंडा रहता है। उत्तर भारत के ज्यादातर लोग या तो हिमाचल प्रदेश जाते हैं, या फिर उत्तराखंड।

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मई-जून के महीने में हिमाचल प्रदेश में ज्यादा संख्या में आते हैं टूरिस्ट।

Photo : iStock

Himachal Pradesh Tourist Places (हिमाचल प्रदेश में टूरिस्ट के लिए घूमने की जगहें): घूमने (Travel) के शौकीन आज के समय में करीब-करीब हर कोई है। छोटे से लेकर बड़े... और यहां तक कि 60 -70 साल की उम्र के पार लोग भी घूमने की चाह रखते हैं। देश में खासतौर से लोग मई-जून की छुट्टियों (May-June Holidays) में कहीं न कहीं घूमने जाते ही हैं। इसकी एक वजह तो बच्चों की गर्मी की छुट्टियां हैं तो दूसरी वजह उत्तर भारत में पड़ने वाली गर्मी (summer in north india)। इस बार तो कह रहे हैं कि उत्तर भारत में भयंकर गर्मी पड़ेगी।

अगर आप भी मई-जून के महीने में कहीं घूमने का प्लान कर रहे हैं तो ये खबर आपके काम की है। दरअसल गर्मी से बचने के लिए लोग पहाड़ी राज्यों में घूमने के लिए जाते हैं। पहाड़ी राज्यों के ऊंचाई वाले इलाकों में दिल्ली-यूपी (Delhi-UP) की तरह गर्मी नहीं होती है मौसम ठंडा रहता है। उत्तर भारत के ज्यादातर लोग या तो हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) जाते हैं, या फिर उत्तराखंड (Uttarakhand)।

बात हिमाचल प्रदेश की करें तो लोगों के लिए घूमने की पहली पसंद शिमला (Shimla) या फिर मनाली (Manali) होता है। शिमला तो हिमाचल प्रदेश की राजधानी है, वहीं मनाली दिल्ली समेत दूसरे राज्यों से आने वाले टूरिस्टों (Tourists) की पहली पसंद। लेकिन हिमाचल प्रदेश में शिमला और मनाली के अलावा भी कई ऐसी जगहें होती हैं, जहां आप घूमने के लिए आसानी से जा सकते हैं। इसी को लेकर आज हम आपको हिमाचल प्रदेश की कुछ सुंदर और बढ़िया जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां आप आसानी से घूमने के लिए प्लान कर जा सकते हैं।

शिमला-मनाली के अलावा ये हैं हिमाचल प्रदेश की सुंदर जगहें:-

कसोल (Kasol)

हिमाचल प्रदेश में घूमने की बढ़िया जगहों में एक है कसोल। कसोल हिमाचल प्रदेश का एक छोटा सा गांव है, जो पार्वती नदी के किनारे बसा है। भारत के एम्स्टर्डम के रूप में जाना जाने वाला कसोल ट्रेकर्स, बैकपैकर्स और प्रकृति प्रेमियों के लिए काफी तेजी से फेमस हो रहा है। कसोल देश में सबसे अच्छी जगहों में से एक है, जहां आप बर्फ से ढके पहाड़ों, देवदार के पेड़ों और शांत नदी के पैनोरमा में आराम से बैठ सकते हैं। कसोल में बहुत सारे दर्शनीय स्थल हैं और इसे अक्सर 'लिटिल ग्रीस' कहा जाता है। पिछले कुछ सालों में कसोल में टूरिस्ट की संख्या काफी तेजी से बढ़ रही हैं। पर्यटकों में ज्यादा संख्या युवा वर्ग की है। आप भी अपने बच्चों की गर्मी की छुट्टियों भी उन्हें यहां ला सकते हैं। देश की राजधानी दिल्ली से कसोल की दूरी 520 किलोमीटर है और आप यहां अपनी कार, टैक्सी या फिर सरकारी बस या प्राइवेट बस के माध्यम से पहुंच सकते हैं।

मैक्लोडगंज (Mcleodganj)

अगर आप हिमाचल प्रदेश में शिमला और मनाली जा-जाकर बोर हो चुके हैं तो आप मैक्लोडगंज घूमने के लिए जा सकते हैं। मैक्लोडगंज अपनी तिब्बती संस्कृति, प्रकृति ट्रेक, हरियाली, प्राचीन मंदिरों और मठों और ब्रिटिश प्रभाव के लिए सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है। कांगड़ा जिले में स्थित मैक्लोडगंज धर्मशाला के बाहरी इलाके में स्थित है। मैक्लोडगंज में घूमने की कई सारी सुंदर और बढ़ियां जगहें हैं। यहां आप अपने परिवार, गर्लफ्रेंड या दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। मैक्लोडगंज तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा का घर भी है। साथ ही तिब्बत की निर्वासित सरकार भी पूरी तरह से मैक्लोडगंज में स्थित है, इसलिए इसे लिटिल ल्हासा भी कहा जाता है। दिल्ली से मैक्लोडगंज की दूरी 475 किलोमीटर है और आप यहां अपनी कार, टैक्सी या फिर सरकारी या प्राइवेट बस के माध्यम से आसानी से पहुंच सकते हैं।

Mcleodganj

Mcleodganj

बीर बिलिंग (Bir Billing)

बीर हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित एक छोटा सा शहर है। बीर बिलिंग जोगिंदर नगर घाटी में स्थित एक फेमस डेस्टिनेशन है जो पैराग्लाइडिंग के लिए जाना जाता है। पैराग्लाइडिंग के लिए बीर को दुनिया के सबसे अच्छे स्थानों में से एक माना जाता है। यहां कुछ सुंदर कैफे हैं। बीर शहर आध्यात्मिक अध्ययन और ध्यान का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है। गर्मी के छुट्टियों में आप अपने बच्चों को यहां घुमाने के लिए ला सकते हैं। बीर बिलिंग में तिब्बती समुदाय के बसने के कारण तिब्बती संस्कृति का प्रभाव है। दिल्ली से बीर की दूरी 490 किलोमीटर है और आप यहां अपनी कार, टैक्सी या फिर सरकारी या प्राइवेट बस के माध्यम से आसानी से पहुंच सकते हैं।

Bir Billing

Bir Billing

कसौली (Kasauli)

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में स्थित कसौली घूमने की बढ़िया और सुंदर जगह है। आमतौर पर टूरिस्ट यहां वीकेंड पर सबसे ज्यादा आता है। मई-जून में यहां टूरिस्ट की संख्या काफी ज्यादा होती है। कसौली एक छावनी शहर है जो अंग्रेजों द्वारा बनाई गई भव्य विक्टोरियन इमारतों से भरा हुआ है। कसौली सुंदर विला और शांत वातावरण के लिए काफी ज्यादा फेमस है। यहां घूमने वाली जगहों में क्राइस्ट चर्च, सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट, मंकी टेंपल और सनसेट प्वाइंट शामिल हैं। कसौली एक तीर्थ स्थान भी है, क्योंकि माना जाता है कि भगवान हनुमान ने भगवान लक्ष्मण के लिए दवाओं की खोज के दौरान यहां विश्राम किया था। कसौली आप अपनी गर्लफ्रेंड, परिवार या दोस्तों के साथ आकर अपनी छुट्टियों का आनंद उठा सकते हैं। दिल्ली से कसौली की दूरी 290 किलोमीटर है और आप यहां अपनी कार, टैक्सी या फिर सरकारी या प्राइवेट बस के माध्यम से आसानी से पहुंच सकते हैं। वहीं चंडीगढ़ से इसकी दूरी महज 65 किलोमीटर है।

दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

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