यात्रा

भारत का ऐसा गांव जहां 'टच' करना है मना, फिर भी हर साल पहुंचते हैं हजारों पर्यटक

Malana Village: क्या आपने किसी ऐसे टूरिस्ट डेस्टिनेशन के बारे में सुना है, जहां चीजों को 'टच' करने से मना किया जाता हो। यदि नहीं तो आज हम आपको हिमाचल के एक ऐसे ही गांव के बार में बताएंगे।

Image

हिमाचल का अनोखा गांव

Malana Village: हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत पार्वती घाटी अपनी खूबसूरती और कमाल के नजारों के लिए पहचान रखता है। यहां बसा मलाणा गांव देश के सबसे रहस्यमयी और अनोखे गांवों में गिना जाता है। कुल्लू जिले में स्थित यह छोटा-सा गांव अपनी प्राचीन परंपराओं, अलग सामाजिक व्यवस्था और सख्त नियमों के कारण दुनियाभर के यात्रियों को आकर्षित करता है। यहां पहुंचने वाला हर पर्यटक सबसे पहले एक ऐसे नियम के बारे में सुनता है। इस गांव में आपको 'नो-टच' का नियम सुनने को मिलेगा। इसके बाद भी यहां पर्यटकों की भीड़ देखने को मिलती है। आइए जानते हैं हिमाचल के इस खास टूरिस्ट डेस्टिनेशन (Himachal Pradesh Tourism) के बारे में...

अनोखी संस्कृति है पहचान

हिमाचल का मलाणा गांव समुद्र तल से लगभग 2,650 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। मलाणा गांव सदियों पुरानी संस्कृति और परंपराओं को आज भी अपने अंदर संजोए हुए है। स्थानीय लोग खुद को बाहरी दुनिया से अलग मानते हैं और अपनी खास सामाजिक व्यवस्था का पालन करते हैं। यही वजह है कि यह गांव आधुनिकता के दौर में भी अपनी अलग पहचान बनाए हुए है।

क्या है ‘नो-टच’ नियम

हिमाचल के मलाणा का सबसे चर्चित नियम बाहरी लोगों के लिए बनाया गया ‘नो-टच’ नियम है। इस नियम के मुताबिक, यहां आने वाले पर्यटक गांव के लोगों, उनके घरों, मंदिरों और धार्मिक स्थलों को छू नहीं सकते हैं। लोगों की मान्यता है कि बाहरी लोगों के द्वारा उनकी चीजों की को छूने से माना जाता पवित्रता भंग होती है। यदि कोई पर्यटक किसी दुकान से सामान खरीदता है, तो दुकानदार सामान सीधे हाथ में देने के बजाय जमीन या किसी निर्धारित स्थान पर रखता है। इसी तरह पैसे का बाकी भुगतान भी सीधे हाथ में नहीं दिया जाता है। इस गांव की यह अनोखी परंपरा वर्षों से चली आ रही है और आज भी पूरी सख्ती से निभाई जाती है।

दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र में शामिल

हिमाचल के मलाणा गांव को अक्सर दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्रों में से एक कहा जाता है। गांव की खासियत इसकी अपनी संसद जैसी व्यवस्था है, जिसमें स्थानीय लोग सामुदायिक फैसले लेते हैं। यहां विवादों और सामाजिक मामलों का निपटारा भी गांव की पारंपरिक न्याय प्रणाली के तहत किया जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार गांव के संरक्षक देवता जमलू ऋषि हैं। लोग मानते हैं कि अधिकांश नियम उन्हीं की परंपराओं पर आधारित हैं। किसी तरह का वाद-विवाद होने पर ग्रामीण आज भी बाहरी अदालतों में जाने की बजाय अपनी पारंपरिक व्यवस्था पर अधिक भरोसा करते हैं।

नेचर के खूबसूरत नजारे

हिमाचल का मलाणा गांव सिर्फ अपनी रहस्यमयी परंपराओं के लिए ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी जाना जाता है। इस गांव चारों ओर फैले देवदार के जंगल, बर्फ से ढकी पहाड़ियां और शांत वातावरण इसे नेचर लवर्स के लिए खास बनाते हैं। हिमालच की कसोल और पार्वती घाटी घूमने आने वाले ज्यादातर लोग मलाणा की यात्रा का भी प्लान जरूर बनाते हैं।

ट्रैकिंग का खास अनुभव

हिमाचल के छोटे से गांव मलाणा पहुंचना भी किसी रोमांच से कम नहीं है। यहां तक पहुंचने के लिए कुल्लू से जड़ी तक सड़क मार्ग से पहुंचने के बाद यात्रियों को लगभग 4 से 5 किलोमीटर का ट्रैक तय करना पड़ता है। यह रास्ता पहाड़ों और नेचर के शानदार नजारों से होकर गुजरता है, जो आपकी यात्रा को और भी यादगार बना देता है।

क्यों खास है मलाणा

मलाणा उन दुर्लभ जगहों में से एक है जहां आधुनिक दुनिया और प्राचीन परंपराएं एक साथ दिखाई देती हैं। यहां के अनोखे नियम, स्वतंत्र सामाजिक व्यवस्था और शानदार नजारे इसे भारत के सबसे दिलचस्प पर्यटन स्थलों में शामिल करते हैं। यही कारण है कि हर साल हजारों पर्यटक इस रहस्यमयी गांव की संस्कृति को करीब से देखने और उसके अनोखे अनुभव का हिस्सा बनने यहां पहुंचते हैं।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

और पढ़ें
End of Article