यात्रा

आस्था और रोमांच के नए केंद्र बने आदि कैलाश और ओम पर्वत, बीते दिनों श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

Adi Kailash Yatra: इन दिनों उत्तराखंड में पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिलती है, आंकड़े बताते हैं कि अब आदि कैलाश और ओम पर्वत आस्था और रोमांच के नए केंद्र बन गए हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में...

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आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा

Adi Kailash Yatra: उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में स्थित आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा (Om Parvat Yatra) इस साल नए कीर्तिमान स्थापित करती दिखाई दे रही है। आस्था, प्राकृतिक सौंदर्य और रोमांच का अनूठा संगम मानी जाने वाली यह यात्रा देशभर के श्रद्धालुओं, पर्यटकों और ट्रैकिंग लवर्स को अपनी ओर खींचती है। इस साल यात्रा शुरू होने के मात्र 39 दिनों के भीतर ही इनर लाइन परमिट जारी करने का पिछले वर्ष का रिकॉर्ड टूट जाना इसकी बढ़ती लोकप्रियता का साफ प्रमाण है। आइए जानते हैं आदि कैलाश और ओम पर्वत पर क्यों बढ़ रही पर्यटकों की संख्या?

यात्रियों की संख्या में भारी उछाल

पिथौरागढ़ जिले के जिलाधिकारी आशीष भटगांई के अनुसार, साल 2025 के पूरे यात्रा सत्र में कुल 36,526 इनर लाइन परमिट जारी किए गए थे। वहीं इस साल यात्रा शुरू होने के केवल 39 दिनों में ही 36,776 से अधिक परमिट जारी किए जा चुके हैं। यह आंकड़ा दिखाता है कि आदि कैलाश और ओम पर्वत को लेकर लोगों में उत्साह लगातार बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में यह संख्या और अधिक बढ़ सकती है।

क्यों खास है ये यात्रा

प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर यह पिथौरागढ़ का यह क्षेत्र हिमालय की गोद में बसा हुआ है। यहां स्थित आदि कैलाश को भगवान शिव के निवास स्थान माना जाता है। इसके कारण ही इसे विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है। वहीं ओम पर्वत अपनी अनोखी प्राकृतिक संरचना के लिए प्रसिद्ध है, जहां बर्फ से स्वतः निर्मित ॐ का आकार लोगों को आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करता है। यही कारण है कि हर वर्ष हजारों श्रद्धालु इन पवित्र स्थलों के दर्शन के लिए लंबी यात्रा तय कर यहां पहुंचते हैं।

रोड़ इंफ्रास्ट्रक्चर हुआ बेहतर

जिला प्रशासन का मानना है कि यात्रा में आई इस भीड़ के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं। जिसमें सबसे बड़ा कारण पिछले कुछ वर्षों में सड़क मार्गों का बेहतर होना है। इसके अलावा परमिट जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाना और यात्रियों के लिए विभिन्न सुविधाओं को बेहतर बनाना भी शामिल है। इससे यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुगम और सुविधाजनक बन गई है।

पीएम मोदी के दौरे ने दिलाई पहचान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदि कैलाश दौरे के बाद इस क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही योजनाओं और प्रचार अभियानों ने भी यात्रा के प्रति लोगों की रुचि बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके साथ ही सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इस क्षेत्र की खूबसूरत तस्वीरों और वीडियो ने भी पर्यटकों को आकर्षित किया है।

नए रिकॉर्ड बना सकती है पर्यटकों की संख्या

प्रशासन का अनुमान है कि इस वर्ष यात्रा सत्र समाप्त होने तक श्रद्धालुओं की संख्या कई नए रिकॉर्ड बना सकती है। आस्था, रोमांच और प्रकृति का अद्भुत संगम बने आदि कैलाश और ओम पर्वत की ओर बढ़ता रुझान न केवल धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा रहा है, बल्कि सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए भी शुभ संकेत साबित हो रहा है।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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