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Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple: उज्जैन में है भगवान शंकर का महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, आज महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ के दर्शन के लिए ऐसे पहुंचे यहां

  • Authored by: दीपक पोखरिया
  • Updated Mar 8, 2024, 08:00 AM IST

Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple in Madhya Pradesh Best Time to Visit, Timings, Nearby Places: भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित है। आज महाशिवरात्रि के मौके पर आप यहां आकर भोलेनाथ का आशीर्वाद ले सकते हैं।

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Mahakaleshwar Jyotirlinga: भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग।

Photo : iStock

Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple in Madhya Pradesh Best Time to Visit, Timings, Nearby Places: दुनियाभर में भगवान शंकर (Lord Shiva) के भक्तों की कोई कमी नहीं। भारत (India) ही नहीं विदेशों में भी भगवान शिव के कई मंदिर (Lord Shiva Temple) है। भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग (Mahakaleshwar Jyotirlinga) मध्य प्रदेश के उज्जैन (Ujjain) में स्थित है।

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग हिंदुओं (Mahakaleshwar Temple) के लिए एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थान है और मध्य प्रदेश में शीर्ष स्थानों में से एक है। महाकालेश्वर मंदिर को दुनिया के शीर्ष दस तंत्र मंदिरों में गिना जाता है। माना जाता है कि इस मंदिर में भगवान शिव लिंग रूप में निवास करते हैं। इस स्थान का सबसे अच्छा आकर्षण यहां के पुजारियों की ओर से किए जाने वाले प्राचीन अनुष्ठान हैं। आज, यानी 8 मार्च को महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2024) के मौके पर आप यहां आकर भगवान शिव का आशीर्वाद (Mahashivratri) अपने पूरे परिवार के लिए ले सकते हैं।

मान्यता है कि यहां आने से आपको अपनी परेशानियों से छुटकारा मिलता है और आपकी दिल की इच्छा पूरी होती है। महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग रेल, सड़क और हवाई मार्ग से प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। अगर आप महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग आने का प्लान बना रहे हैं तो आज हम आपको बताएंगे आप कैसे-कैसे यहां पहुंच सकते हैं।

फ्लाइट से महाकालेश्वर कैसे पहुंचे (How to reach mahakaleshwar temple by Flight)

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग पहुंचने के लिए इंदौर सबसे पास वाला एयरपोर्ट है। एयरपोर्ट से महाकालेश्वर मंदिर की दूरी 51 किलोमीटर है। इंदौर एयरपोर्ट से आप आसानी से टैक्सी या बस के माध्यम से यहां पहुंच सकते हैं।
Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple

Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple

सड़क मार्ग से महाकालेश्वर कैसे पहुंचे (How to reach mahakaleshwar temple by Road )

सड़क मार्ग से भी आप महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग आसानी से पहुंच सकते हैं। आप अपनी कार, प्राइवेट टैक्सी या बस से यहां आसानी से पहुंच पाएंगे। भोपाल से महाकालेश्वर की दूरी 188 किलोमीटर है। वहीं दिल्ली से महाकालेश्वर की दूरी 776 किलोमीटर है। सड़क मार्ग काफी सही है और आपको पहुंचने में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आएगी।

ट्रेन से महाकालेश्वर कैसे पहुंचे (How to reach mahakaleshwar temple by Train)

महाकालेश्वर मंदिर के सबसे पास चार रेलवे स्टेशन हैं, जिनमें उज्जैन जंक्शन, विक्रम नगर, चिंतामन और पिंगलेश्वर। ये सभी स्टेशन देश के प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से जुड़े हुए हैं। ट्रेन से यहां पहुंचने के लिए आपको किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आएगी। रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद पर्यटक महाकालेश्वर मंदिर तक पहुंचने के लिए कोई भी स्थानीय परिवहन ले सकते हैं।

महाकालेश्वर के आसपास घूमने की जगहें ( Tourist Places Near mahakaleshwar)

महाकालेश्वर मंदिर के पास घूमने की कई सारी जगहें हैं, जहां यात्री आसानी से जा सकते हैं। आसपास घूमने वाली जगहों में राधा मदन मोहन मंदिर, काल भैरव, बड़े गणेश जी का मंदिर, भर्तृहरि गुफाएं हैं।
Mahakaleshwar Jyotirlinga

Mahakaleshwar Jyotirlinga

महाकालेश्वर आने का सबसे सही समय (Right time to visit mahakaleshwar)

महाकालेश्वर आने का सबसे अच्छा समय महाशिवरात्रि है। महाशिवरात्रि का त्योहार फरवरी और मार्च के महीनों के बीच आता है। जो लोग इस उत्सव के दौरान आते हैं वे शिव की रात के समारोह का हिस्सा बन सकते हैं। इस दौरान दुनियाभर से श्रद्धालु महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं।

महाकालेश्वर में रुकने और खाने की व्यवस्था (Accommodation and food in mahakaleshwar)

अगर आप महाकालेश्वर आने का प्लान बना रहे हैं तो आपको ठहरने से लेकर खाने की कोई चिंता नहीं करनी चाहिए। यहां आपको हर बजट के हिसाब से होटल मिल जाएंगे। होटल के अलावा सरकारी गेस्ट हाउस, लॉज, होम स्टे, धर्मशाला आदि मिल जाएंगे। अब बात अगर खाने-पीने की करें तो महाकालेश्वर में आपको खाने को लेकर कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है। ढाबे, होटल, रेस्टोरेंट में आपको अच्छा और बढ़िया खाना खाने को मिलेगा।
दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

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