Luxury Travel India: मौजूदा समय में प्राइवेट जेट से यात्रा करना सिर्फ अमीर लोगों तक ही सीमित नहीं रह गया है। भारत में पहले जहां यह सिर्फ लग्जरी माना जाता था लेकिन अब ऐसा नहीं है। भीड़-भाड़ वाले एयरपोर्ट, लंबी लाइनें और लेट फ्लाइट्स से बचने के लिए लोग प्राइवेट जेट चार्टर (Private Jet India) का इस्तेमाल कर रहे हैं फैमिली ट्रिप के साथ-साथ शादी या तीर्थ यात्रा के लिए भी लोग प्राइवेट जेट चार्टर करना पसंद कर रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर इसका खर्च कितना आता है? इस सवाल का जवाब जानने से पहले यह जानना बेहद जरूरी है कि आखिर प्राइवेट जेट और चार्टर्ड फ्लाइट में फर्क क्या है। इस आर्टिकल के माध्यम से आपको तमाम सवालों के जवाब मिलने वाले हैं।
प्राइवेट जेट और चार्टर्ड फ्लाइट में फर्क
बहुत लोग अभी भी कन्फ्यूज रहते हैं कि प्राइवेट जेट और चार्टर्ड फ्लाइट एक ही चीज है या अलग। प्राइवेट जेट आमतौर पर छोटे और लग्जरी विमान होते हैं, जिनमें लगभग 4 से 18 लोग बैठ सकते हैं। चार्टर्ड फ्लाइट का मतलब है किसी भी विमान को खास यात्रा के लिए किराए पर लेना। भारत में आप छोटे टर्बोपॉप प्लेन से लेकर बड़े और अल्ट्रा-लग्जरी जेट तक बुक कर सकते हैं। इसका खर्च कई चीजों पर निर्भर करता है जैसे-प्लेन का टाइप, क्रू चार्ज, फ्यूल, वाई-फाई, फूड सर्विस और ग्राउंड सपोर्ट।
भारत में प्राइवेट जेट का खर्च कितना है?
- छोटे प्लेन (King Air C90 जैसे): करीब ₹1.5 से ₹2 लाख प्रति घंटा
- हल्के जेट (Citation Mustang जैसे): ₹2.5 से ₹4 लाख प्रति घंटा
- मिड-साइज जेट (Hawker 900XP जैसे): ₹4 से ₹7 लाख प्रति घंटा
- लग्जरी बड़े जेट (Gulfstream, Bombardier जैसे): ₹6 से ₹12 लाख प्रति घंटा तक
दूरी के हिसाब से खर्च
- दिल्ली से जयपुर जैसी छोटी ट्रिप: करीब ₹5–7 लाख
- मुंबई से गोवा: लगभग ₹6–10 लाख
- मुंबई से लंदन जैसी इंटरनेशनल ट्रिप: ₹1.5 करोड़ से भी ज्यादा
बढ़ रही है डिमांड
आजकल लोग टाइम सेविंग और कंफर्ट को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। बिजनेस ट्रिप हो या फैमिली ट्रैवल, प्राइवेट जेट अब एक स्टेटस सिंबल के साथ-साथ प्रैक्टिकल ऑप्शन भी बनता जा रहा है। ऐसे में पैसे बचाकर लाइफ में कम से कम एक बार आप इस अनुभव को लेने पर विचार कर सकते हैं।
