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Kedarnath Trek Route: कठिन लेकिन श्रद्धामय है ट्रेक, समझ लें 16km का पूरा रास्ता

Kedarnath Trek Route: केदारनाथ तक आप सीधे सड़क मार्ग से नहीं जा सकते हैं। ऋषिकेश से गुप्तकाशी होते हुए आप यात्रा की शुरुआत कर सकते हैं और गौरीकुंड तक पहुंच सकते हैं। हरिद्वार/ऋषिकेश → रुद्रप्रयाग → गुप्तकाशी/ सोनप्रयाग → गौरीकुंड गौरीकुंड से केदारनाथ के लिए 16 किलोमीटर का ट्रैक करना पड़ता है जिसे डिटेल में समझते हैं।

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kedarnath trek

Kedarnath Trek Route: 2 मई से केदारनाथ मंदिर के कपाट खुल चुके हैं। उत्तराखंड राज्य के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ यात्रा एक धार्मिक तीर्थ यात्रा है जहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। केदारनाथ मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को अंतिम 16 किलोमीटर का एक कठिन लेकिन अत्यंत श्रद्धामय ट्रेक करना पड़ता है।

केदारनाथ ट्रेक रूट (मुख्य मार्ग)

केदारनाथ मंदिर तक पहुंचने के लिए सबसे पहले आपको गौरीकुंड पहुंचना होगा। गौरीकुंड से केदारनाथ 16 किमी का ट्रेक करके आप पहुंचते हैं जिसमें 6 से 8 घंटे का समय लग सकता है। ऋषिकेश/हरिद्वार से शुरुआत करें फिर सड़क मार्ग से गुप्तकाशी → सोनप्रयाग → गौरीकुंड (ट्रेक का प्रारंभ बिंदु) तक पहुंचें।

गौरीकुंड से केदारनाथ ट्रेक का विस्तृत विवरण

यह यात्रा गौरीकुंड से शुरू होगी - फिर जंगल चट्टी (6 किमी) तक जाएगी - फिर भीम बाली (रामबाड़ा पुल के माध्यम से 4 किमी) - फिर लिनचौली (3 किमी) - और अंतिम पड़ाव केदारनाथ बेस कैंप (4 किमी) पर होगा - और अंत में दिव्यता के प्रतीक केदारनाथ मंदिर (1 किमी) तक जाएगी।

ट्रेक के विकल्प

केदारनाथ ट्रेक को मध्यम से कठिन के बीच रखा जाता है। पैदल यात्रा करने में आपको 6 से 8 घंटे का समय लगता है। ₹2500–₹4000 रुपए के बीच खच्चर/घोड़ा सेवा गौरीकुंड से मंदिर तक के लिए उपलब्ध रहती है। विशेष रूप से बुजुर्गों के लिए पालकी सेवा है। गुप्तकाशी, फाटा, और सिरसी से हेलिकॉप्टर सेवा (ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य) का भी आप इस्तेमाल कर सकते हैं।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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