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इस बार पक्का दिख जाएगा शेर, जनवरी में इन 4 जगहों पर खुलकर घूमता है जंगल का राजा

Tiger Spot India: भारत में जनवरी के महीने में घूमने के दौरान अगर आप शेर देखना चाहते हैं तो ऐसा संभव है। जंगल सफारी के दौरान इन नेशनल पार्क में आपको शेर देखने को मिल जाएगा। जनवरी के महीने में मौसम ठंडा और सुहावना होता है वहीं कम घास के चलते शेर आपको साफ दिख सकते हैं।

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National Parks: शिकारी जानवरों को प्राकृतिक वातावरण में देखना लगभग हर टूरिस्ट का सपना होता है। साल 2025 जनवरी के महीने में भारत में ऐसी कई जगह मौजूद हैं जहां बाघों और तेंदुओं को आप देख सकते हैं। सर्दियों में मौसम ठंडा और सुहावना होता है ऐसे में इस टाइम ये जानवर अधिक सक्रिय रहते हैं। भारत में आप इन जगहों पर जाकर बाघों और तेंदुओं को करीब से देखने का अनुभव कर सकते हैं।

काजीरंगा नेशनल पार्क: एशियाई शेर, तेंदुए और अन्य वन्यजीव के दीदार के लिए आपको काजीरंगा नेशनल पार्क का रुख करना चाहिए। यहां के जंगलों में सफारी के दौरान जनवरी के मौसम में आपको एशियाई शेर और तेंदुए दिख जाएं इस बात की संभावना काफी ज्यादा है।

जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क: बाघों को देखने का मौका जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में जनवरी के महीने में करीब से मिलता है। इस महीने में यहां घास कम होती है ऐसे में जानवरों को आसानी से देखा जा सकता है।

रणथम्भोर नेशनल पार्क: बाघों के साथ-साथ तेंदुए को भी अगर आप करीब से देखना चाहते हैं तो फिर रणथम्भोर नेशनल पार्क जाएं। माना जाता है कि भारत में बाघों की सबसे अधिक संख्या रणथम्भोर नेशनल पार्क में ही है।

नागरहोल नेशनल पार्क: नागरहोल नेशनल पार्क कर्नाटका में स्थित एक प्रमुख टाइगर रिजर्व है जहां जनवरी के महीने में यात्रा की जा सकती है। जंगल सफारी के दौरान आपको शेर और बाघ देखने को मिल सकते हैं।

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प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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