Varanasi best places to visit: गंगा नदी के किनारे बसी भगवान शिव की नगरी काशी, जिसे आज वाराणसी य बनारस कहां जाता है, प्राचीन काल से ही भारत की आध्यात्मिक राजधानी रही है। मान्यताओं के अनुसार ये हिंदू धर्म का सबसे पवित्र शहर माना जाता है जहां कई ऐतिहासिक मंदिर, घाट, और धार्मिक स्थल हैं। वाराणसी को मंदिरों का शहर, दीपों का शहर, ज्ञान नगरी जैसे नामों से भी जाना जाता है। संगीत, कला, नाटक, और मनोरंजन की समृद्ध परंपराओं वाले इस सुंदर शहर में अगर आप इन सर्दियों में घूमने आ रहे हैं तो इन 5 चीजों को जरूर करें वरना आपको बाद में पछताना पड़ सकता है। ये 5 चीजें आपको शहर के तनाव से दूर मन की शांति दिलाएंगी जिन्हें आप जिंदगी भर के लिए नहीं भूल पाएंगे।
गंगा नदी की बोट राइड: बनारस को करीबी से महसूस करना है तो आप गंगा नदी की बोट राइड का शानदार अनुभव लें सकते हैं। इस बोट राइड में आपको बनारस के सभी घाटों के दर्शन प्राप्त होंगे जिससे आपका मन आध्यात्मिक शांति से भर जाएगा।
कशी विश्वनाथ के दर्शन: काशी के साथ-साथ विश्व के नाथ कहें जाने वाले काशी विश्वनाथ के दर्शन करना यहां आए यात्रियों के लिए बेहद जरूरी होता है। मान्यताओं के अनुसार इस पवित्र जगह का उल्लेख हिंदू धर्म के कई धर्म शास्त्रों में भी मिलता है। कशी विश्वनाथ 12 ज्योतिर्लिंग में से एक हैं जिनके दर्शन से व्यक्ति अपनी समस्याओं से मुक्त हो जाता है।
बनारस की गलियां: बॉलीवुड की कई फिल्मों में बनारस की गलियों को दिखाया गया है। पुराने शहर की गलियों में आज भी एहसास और विचारों की महक आती है जो आपको समय में पीछे लेकर जाएगी। इन गलियों में आपको छोटे-बड़े मकान, दरीचे दिखेंगे जहां आप फोटोग्राफी कर सकते हैं।
बनारस का खाना: अगर काशी आकर आपने यहां की मसालेदार चाट, बनारसी पान और मलाई चाट का स्वाद नहीं चखा तो आप बहुत कुछ छोड़ देंगे। काशी के लोगों के हाथों में एक जादू है जिसपर स्वयं मां अन्नपूर्णा की कृपा है। यहां का स्वाद आपको विश्व में और कही नहीं मिलेगा। बनारस के फूड को एक्स्प्लोर करना आपके प्लान में होना चाहिए।
गंगा आरती: शाम ढलते ही बनारस के घाट पर लोगों का काफिला जमा होता है और आरती की थाल तैयार की जाती है। सदियों से लोगों के पापों को धुलती आ रही प्राचीन गंगा नदी की आरती का अनुभव दिव्य और अलौकिक होता है। मंत्रो और शंखनाद के बीच हजारों भक्त मां गंगा की इस विशेष आरती में बढ़-चढ़ के हिस्सा लेते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं।
वाराणसी के घाटों पर सुबह-सुबह की ठंडक और शांति का माहौल काफी खास होता है। सुनहरी धूप की किरने और शहर की आधात्मिक उमंगें यहां पर आने वाले यात्रियों के रग-रग में जोश और रोमांच भर देती है और अंत में उन्हें भक्ति और आस्था की शक्ति का एहसास होता है।
