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कैलाश मानसरोवर यात्रा अब पहले से महंगी, भोलेनाथ के दरबार जाने से पहले जान लें सबकुछ

Kailash Mansarovar Yatra: कैलाश मानसरोवर यात्रा पहले से ज्यादा महंगी हो गई है। इसकी बड़ी वजह डॉलर का महंगा होना बताया जा रहा है। कितनी बढ़ी है कीमत और अब कितना लगेगा पैसा उसे यहां डिटेल में समझाया गया है।

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कैलाश मानसरोवर यात्रा

Kailash Mansarovar Yatra: अगर आप कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने का प्लान कर रहे हैं तो जान लें कि इस साल यात्रा के खर्च में करीब ₹35,000 की बढ़ोतरी हो गई है। यानी जो यात्रा पहले थोड़ी सस्ती होती थी अब उसके लिए श्रद्धालुओं को ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे। यह बढ़ोतरी उन लोगों के लिए बड़ा झटका है जो लंबे समय से इस यात्रा की तैयारी कर रहे थे। पिछले साल तक कैलाश मानसरोवर यात्रा का कुल खर्च (Kailash Mansarovar Yatra cost) लगभग ₹1.74 लाख था। लेकिन इस साल यह बढ़कर ₹2.09 लाख हो गया है।

इस यात्रा में एक हिस्सा ऐसा भी है जो सीधे कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) को दिया जाएगा। इस बार यात्रियों को करीब ₹65,000 सिर्फ KMVN को ही देने होंगे। इसके अलावा बाकी खर्च यात्रा के अन्य हिस्सों जैसे यात्रा व्यवस्था, परमिट, रहने-खाने और अन्य सुविधाओं में जाएगा।

डॉलर की कीमत बनी बड़ी वजह

इस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह डॉलर का महंगा होना बताया जा रहा है। क्योंकि यात्रा का एक बड़ा हिस्सा विदेश और अलग-अलग सेवाओं से जुड़ा होता है, जिनका भुगतान डॉलर में होता है। जब डॉलर महंगा होता है, तो पूरी यात्रा की लागत भी अपने आप बढ़ जाती है। जानकारों का मानना है कि अगर डॉलर की कीमत इसी तरह बढ़ती रही, तो आने वाले समय में यात्रा और भी महंगी हो सकती है।

कैलाश मानसरोवर जाने का रास्ता

समुद्र तल से कैलाश मानसरोवर की ऊंचाई तकरीबन 22 हजार फीट है। उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे से कैलाश मानसरोवर 65 किलोमीटर दूर है। सिक्किम के नाथुला से इसकी दूरी 802 किलोमीटर है वहीं भारतीयों के लिए कैलाश मानसरोवर जाने का तीसरा रास्ता नेपाल की राजधानी काठमांडू से है जिसकी दूरी तकरीबन 500 किलोमीटर है।

यात्रा से जुड़ी जरूरी जानकारी

यात्रा पर जाने के लिए न्यूनतम उम्र 18 वहीं अधिकतम उम्र 70 साल हो सकती है। यात्रा से पहले यात्रियों को 3 दिन दिल्ली में ट्रेनिंग दी जाती है। पासपोर्ट, वीजा, एड्रेस प्रुफ, पासपोर्ट साइज फोटो के साथ-साथ आपके पास मेडिलक सेर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। इन जरूरी डाक्युमेंट्स के बिना यात्रा कर पाना संभव नहीं है।

कैलाश पर्वत से जुड़ी मान्यता

कैलाश पर्वत हिंदुओं के लिए बेहद पवित्र जगह है। मान्यता है कि भगवान शिव पत्नी पार्वती के साथ कैलाश पर्वत पर ही निवास करते हैं। जैन धर्म में मान्यता है कि भगवान ऋषभ देव को यहीं निर्वाण मिला था वहीं बौद्ध धर्म में इसे ब्रह्मांड का केंद्र बिंदु बताया गया है।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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