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IRCTC: अब आसान हुआ लद्दाख घूमना, 7 दिन की है ट्रिप, ना के बराबर होगा खर्चा

IRCTC: लद्दाख घूमने का अगर आप प्लान कर रहे हैं तो ये पैकेज आपके लिए ही है। आईआरसीटसी ने 7 दिन का शानदार टूर पैकेज लॉन्च कर दिया है जिसके तहत आपको तमाम जगहों की सैर करवाई जाएगी।

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आसान हुआ लद्दाख घूमना

IRCTC: लद्दाख, हमेशा से घूमने-फिरने के शौकीनों की पसंदीदा जगहों में शामिल रहा है। ऊंचे-ऊंचे पहाड़, नीली झीलें, बर्फ से ढकी चोटियां और शांत माहौल लद्दाख की पहचान है जो हर किसी को अपनी ओर खींचती है। लेता है। इसी को देखते हुए आईआरसीटीसी ने 7 दिन का शानदार टूर पैकेज लॉन्च किया है जिसमें आपको शाम घाटी, लेह, नुब्रा, तुरतुक और पैंगोंग जैसी खूबसूरत जगहों की सैर कराई जाएगी। इस पैकेज के जरिए आप लद्दाख की शानदार प्राकृतिक सुंदरता और वहां की अनोखी संस्कृति को करीब से महसूस कर सकेंगे।

पहला दिन: दिल्ली से लेह की उड़ान

सुबह दिल्ली हवाई अड्डे से उड़ान भरकर लेह पहुंचेंगे। होटल में पहुंचने के बाद आराम करें ताकि शरीर वहां की ऊंचाई और ऑक्सीजन के स्तर के अनुसार खुद को ढाल सके। पूरा दिन आराम के लिए रहेगा। रात में लेह के होटल में ठहरने की व्यवस्था होगी।

दूसरा दिन: शाम घाटी की सैर

सुबह नाश्ते के बाद लेह-श्रीनगर राजमार्ग पर घूमने के लिए निकला जाएगा। इस दौरान शांति स्तूप और लेह महल देखने का मौका मिलेगा। इसके बाद भारतीय सेना द्वारा बनाए गए युद्ध संग्रहालय और गुरुद्वारा पत्थर साहिब ले जाया जाएगा। यात्रा के दौरान मैग्नेटिक हिल भी दिखाई जाएगी, जहां गाड़ी अपने आप ऊपर की ओर जाती हुई महसूस होती है। साथ ही सिंधु और जांस्कर नदियों का संगम भी देखने को मिलेगा। इसके बाद अलची मठ की सैर कर वापस लेह लौटेंगे।

तीसरा दिन: नुब्रा घाटी की ओर सफर

सुबह नाश्ते के बाद दुनिया के सबसे ऊंचे मोटर मार्गों में शामिल खारदुंगला दर्रे से होते हुए नुब्रा घाटी पहुंचेंगे। यह जगह फूलों की घाटी और लद्दाख का सबसे गर्म इलाका मानी जाती है। दोपहर के बाद दिक्सित और हुंदर गांव की सैर कराई जाएगी। यहां के मठ और स्थानीय लोगों की जीवनशैली देखने का अलग ही अनुभव मिलेगा। शाम को ऊंट की सवारी का भी आनंद लिया जा सकता है।

चौथा दिन: तुरतुक गांव की अनोखी दुनिया

नाश्ते के बाद तुरतुक घाटी के लिए रवाना होंगे। रास्ते में सियाचिन युद्ध स्मारक और थांग शून्य बिंदु भी दिखाया जाएगा। तुरतुक गांव की संस्कृति लद्दाख के बाकी हिस्सों से काफी अलग है। यहां रहने वाले लोग बलती समुदाय से जुड़े हैं और अधिकतर मुस्लिम हैं। यहां की पुरानी विरासत, संग्रहालय और प्राकृतिक ठंडा भंडार घर देखने लायक हैं। शाम तक वापस नुब्रा लौटेंगे जहां सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा।

पांचवां दिन: पैंगोंग झील की ओर

सुबह जल्दी नाश्ते के बाद पैंगोंग झील के लिए रवाना होंगे। यह खारे पानी की बेहद खूबसूरत झील है, जिसका बड़ा हिस्सा चीन की सीमा में पड़ता है। यहां मशहूर फिल्म थ्री इडियट्स की शूटिंग वाली जगह भी दिखाई जाएगी। साफ मौसम में झील का पानी अलग-अलग रंगों में नजर आता है, जो बेहद शानदार अनुभव देता है। रात में पैंगोंग में रुकने की व्यवस्था होगी।

छठा दिन: पैंगोंग से लेह वापसी

सुबह झील के किनारे सूर्योदय का सुंदर नजारा देखने के बाद वापस लेह के लिए रवाना होंगे। रास्ते में चांगला दर्रा, ठिकसे मठ और शेय महल दिखाए जाएंगे। इसके अलावा थ्री इडियट्स स्कूल के नाम से मशहूर द्रुक पद्मा कार्पो विद्यालय भी घुमाया जाएगा। शाम को लेह बाजार घूमने के लिए खाली समय मिलेगा।

सातवां दिन: दिल्ली वापसी

सुबह नाश्ते के बाद लेह हवाई अड्डे के लिए रवाना होंगे और वहां से दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगे। इसी के साथ लद्दाख की यादगार यात्रा खत्म हो जाएगी।

16 मई को आपको उड़ान भरनी है। गौर करने वाली बात ये है कि 16 मई के अलावा भी आप अपनी सहूलियत के हिसाब से पैकेज की बुकिंग कर सकते हैं। सिंगल शेयरिंग में ये ट्रिप आपको 54,900 रुपए में पड़ेगी। डबल और ट्रिपल शेयरिंग में प्रति व्यक्ति किराया क्रमश: 48,500 और 47,900 तय किया गया है। 5 से 11 साल तक के बच्चे के लिए किराया 46,400 रुपए है। आईआरसीटीसी की वेबसाइट या मोबाइल एप्प के माध्यम से आप पैकेज की बुकिंग कर सकते हैं। इस पैकेज का कोड NDA12 है। ज्यादा जानकारी के लिए आप इन नंबरों- 9717641764, 9717648888, 7827970014 पर संपर्क कर सकते हैं।

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प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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