Bharat Gaurav Tourist Train Package: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई कुछ समय के लिए आध्यात्मिक शांति की तलाश में रहता है। ऐसे में आईआरसीटीसी ने आपका काम आसान कर दिया है। IRCTC के पास एक शानदार ट्रैवल प्लान है। ये यात्रा न केवल आपको भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों से जोड़ती है, बल्कि आत्मिक संतुलन और श्रद्धा का अनुभव भी कराती है। अगर आप भगवान शिव के ज्योतिर्लिंगों और साईं बाबा के दर्शन का पुण्य लाभ एक ही यात्रा में लेना चाहते हैं, तो भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन आपके लिए सुनहरा अवसर है। इस यात्रा में श्रद्धालु एक ही यात्रा में कई प्रमुख ज्योतिर्लिंगों और पवित्र धामों के दर्शन कर सकते हैं। यहां से इसके बारे में आप विस्तार से जान सकते हैं।
पैकेज का नाम
आईआरसीटीसी के इस नए पैकेज का नाम 6 JYOTIRLINGA DARSHAN WITH SHIRDI SAI DARSHAN (EZBG30) है। ये पैकेज 12 दिन और 11 रातों के लिए है। झारसुगुड़ा जंक्शन से इसकी शुरुआत होगा। ये यात्रा खासतौर से उन श्रद्धालुओं के लिए तैयार की गई है, जो कम समय में ज्यादा से ज्यादा धार्मिक स्थलों के दर्शन करना चाहते हैं, वह भी सुविधाजनक तरीके से।
किन-किन पवित्र स्थलों के होंगे दर्शन?
- महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग (उज्जैन)- कालों के काल भगवान शिव का प्रसिद्ध धाम
- ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग- नर्मदा तट पर स्थित दिव्य स्थल
- द्वारिकाधीश मंदिर- भगवान श्रीकृष्ण की नगरी द्वारका का प्रमुख मंदिर
- नागेश्वर ज्योतिर्लिंग- द्वारका के पास स्थित शिव का पवित्र धाम
- सोमनाथ ज्योतिर्लिंग- भारत का प्रथम ज्योतिर्लिंग
- त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग- गोदावरी नदी के उद्गम के पास स्थित
- घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग- औरंगाबाद के समीप स्थित
- शिरडी साईं बाबा मंदिर- साईं बाबा की पावन समाधि
कैसी है रहने और खाने की व्यवस्था?
यह यात्रा सिर्फ मंदिर देखने भर की नहीं है, बल्कि पूरा एक सुकून देने वाला अनुभव है। ट्रेन में आराम से सफर, खाने-पीने की व्यवस्था, रहने की सुविधा और घूमने के लिए गाड़ी सब कुछ पहले से ही तय होता है। इसलिए आपको किसी चीज की टेंशन लेने की जरूरत नहीं पड़ती, आप बस आराम से भगवान के दर्शन करें और भक्ति में मन लगाएं।
कितने पैसे होंगे खर्च?
इस दिव्य यात्रा का पैकेज शुल्क 23,315 रुपये प्रति व्यक्ति से शुरू है, जो इसे आम श्रद्धालुओं के लिए यात्रा को आसान बना देता है। इस शुल्क में यात्रा के दौरान आवश्यक सुविधाएं शामिल होती हैं, जिससे यात्रियों को अलग से व्यवस्था करने की जरूरत नहीं पड़ती।
