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राजस्थान का छुपा खजाना, अलवर का अनोखा किला, जहां साथ चलते हैं इतिहास, रहस्य और रोमांच

Rajasthan Tourism: इतिहास, रोमांच और शांति- सब कुछ एक साथ देखने के लिए आप इस बार राजस्थान की यात्रा कर सकते हैं। राजस्थान की शौर्यगाथा, वास्तुकला और प्राकृतिक सौंदर्य का प्रतीक ये अनोखा किला आपकी ट्रैवल बकेट लिस्ट में शामिल हो सकता है। इतिहास प्रेमियों और फोटोग्राफरों के लिए ये जगह परफेक्ट है।

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Rajasthan tourism (photo: pinterest)

Rajasthan Tourist Places: घूमने-फिरने का शौक रखने वाले पर्यटकों के लिए हमेशा से ही राजस्थान की यात्रा स्पेशल रही है। राजस्थान में तमाम ऐतिहासिक और प्राचीन जगहें मौजूद हैं जो पर्यटकों को काफी लुभाते हैं। प्राचीन इतिहास को करीब से समझने के लिए पर्यटक राजस्थान भव्य किले देखने जाते हैं। आमेर किला से लेकर चित्तौड़गढ़ किला राजस्थान में कई पॉपुलर ट्रैवल डेस्टिनेशन हैं।

लेकिन, आज हम जिस किले का जिक्र करने जा रहे हैं उसके बारे में बेहद कम लोग ही जानते होंगे। हम बात कर रहे हैं राजस्थान के अलवर जिले में स्थित कुंवारा किला, जिसे आमतौर पर बाला किला कहा जाता है। अरावली की पहाड़ियों पर स्थित कुंवारा किला का इतिहास 700 साल पुराना है।

1492 ईसवी में हसन खान मेवाती ने इसका निर्माण करवाया था। अलवर फोर्ट के नाम से पॉपुलर इस किले में आज तक कोई भी युद्ध नहीं हुआ यही वजह है कि इसे कुंवारा किला कहा जाता है। इसमें 15 विशाल दरवाजे और 51 छोटी-बड़ी बुर्जें हैं। इसके अलावा बाबर और जहांगीर जैसे मुगल शासक इस किले में ठहरे थे। बाबर ने किले में एक रात बिताई थी और अकबर के बेटे जहांगीर ने तीन साल तक यहां निवास किया था।

सूरजकुंड, सलीम सागर, जल महल, निकुंभ महल और कई प्राचीन मंदिर इस किले में स्थित है। राजस्थान के अलवर शहर से 8 किलोमीटर की दूरी पर ये किला मौजूद है। निकटतम रेलवे स्टेशन: अलवर रेलवे स्टेशन (लगभग 5-6 किमी)। टैक्सी, ऑटो या निजी वाहन से आप किले के बेस तक पहुंच सकते हैं। अक्टूबर से मार्च तक का समय यहां घूमने का बेस्ट टाइम है।

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प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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