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कब से शुरू होगी चारधाम यात्रा? जानें रजिस्ट्रेशन प्रोसेस से लेकर तारीख तक

Chardham Yatra Travel Guidelines: हर साल ठंड का मौसम खत्म होते ही उत्तराखंड की चर्चित चारधाम यात्रा भी शुरू हो जाती है। इस साल चारधाम की शुरुआत 19 अप्रैल से होगी। इस पवित्र यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। आइए जानते हैं चारधाम यात्रा रजिस्ट्रेशन प्रोसेस और जरूरी गाइडलाइन...

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कब से शुरू होगी चारधाम यात्रा?

Chardham Yatra Travel Guidelines: हर साल जैसे-जैसे पहाड़ों पर बर्फ पिघलती है और हिमालय की चोटियों पर बसंत की किरणें चमकने लगती हैं, उसी समय हिन्दुओं की एक पवित्र यात्रा की शुरुआत भी हो जाती है। हिंदुओं के मन में धर्म की उमंग उठाने वाली चारधाम यात्रा में यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे प्रमुख स्थल शामिल हैं। भारत के सबसे प्रतिष्ठित तीर्थ यात्राओं में से एक है चारधाम यात्रा की 2026 में शुरुआत 19 अप्रैल से होने वाली है। जिसके लिए इस साल सरकार ने रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य कर दिया है। आइए जानते हैं चारधाम यात्रा की पूरी ट्रैवल गाइड...

चारधाम यात्रा रजिस्ट्रेशन

चारधाम यात्रा में शामिल होने वाले हर श्रद्धालु के लिए रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है। उत्तराखंड सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन के लिए इस साल पंजीकरण को अनिवार्य कर दिया है। बिना पंजीकरण किसी को भी धाम में प्रवेश पर रोक लगाई गई है, इसलिए रजिस्ट्रेशन कराना यात्रा के लिए पहला और सबसे जरूरी कदम है।

चारधाम यात्रा रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन कैसे करें?

चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सबसे सुविधाजनक तरीका है। इसके लिए आपको राज्य सरकार के आधिकारिक पोर्टल (registrationandtouristcare.uk.gov.in) पर जाना है। जहां आपको अपना नाम, संपर्क का विवरण, पहचान पत्र की जानकारी और यात्रा कार्यक्रम भरना होता है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपको एक क्यूआर-कोड वाला 'ई-यात्रा पास' मिलता है, जिसे चारों धाम में दर्शन से पहले दिखाना आवश्यक है।

चारधाम यात्रा रजिस्ट्रेशन व्हाट्सएप से कैसे करें?

इसके अलावा तीर्थयात्री व्हाट्सएप के माध्यम से भी पंजीकरण कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपने मोबाइल से 'YATRA' टाइप करके 8394833833 पर भेजना होगा। इसके बाद उन्हें कुछ प्रश्नों का उत्तर देना होगा। इस तरह आपकी पंजीकरण प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

मोबाइल से चारधाम यात्रा रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

इसके अलावा सरकार ने तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए एक टोल-फ्री नंबर 01351364 भी लॉन्च किया है। जहां एक प्रतिनिधि आपकी रजिस्ट्रेशन प्रोसेस में मदद करेगा। फोन-कॉल पर आप अपनी कुछ सामान्य डिटेल्स साझा रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को कंप्लीट कर सकते हैं।

चारधाम यात्रा कब तक चलेगी?

19 अप्रैल 2026 से शुरु हो रही चारधाम यात्रा भाईदूज (अक्टूबर के अंत या नवंबर की शुरुआत) तक चलती है। हालांकि इस दौरान मानसून के मौसम में भूस्खलन के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार यात्रा पर रोक लगा सकती है। आम तौर पर कहा जाता है, कि चारधाम यात्रा लगभग 6 माह तक चलती है।

उत्तराखंड में कौन से चारधाम हैं?

उत्तराखंड के प्रसिद्ध चारधाम में चार मुख्य तीर्थ स्थल शामिल हैं। जिसमें यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ शामिल हैं। यह यात्रा यमुनोत्री से शुरू होकर बद्रीनाथ में समाप्त होती है। जिसका क्रम यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ है। यह क्रम इस तीर्थ स्थलों के दक्षिणावर्त क्रम के अनुसार है।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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