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बना लो Sultanpur National Park घूमने का प्लान, 10 साल बाद लौटकर आया ये अनोखा पक्षी

Baikal teal: दिल्ली-एनसीआर के सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान में घूमने जाने का प्लान करने वाले पर्यटकों के लिए अच्छी खबर है। 2013 से अदृश्य दुर्लभ बाइकाल टील और बाज़ बत्तख देखे जाने के बाद अब आप भी यहां घूमने जाने का प्लान कर सकते हैं। सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान 200 से अधिक प्रजातियों के पक्षियों का घर है इसके साथ ही यह पार्क जलपक्षियों के लिए एक आश्रय स्थल है।

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Sultanpur National Park

Sultanpur National Park: दिल्ली-एनसीआर में पक्षी प्रेमियों को बेहद शानदार अनुभव तब हुआ जब उन्होंने Sultanpur National Park में दुर्लभ पक्षी प्रजाति के दीदार किए। बैकल टील (सिबिरियोनेटा फॉर्मोसा) और बाज़ बत्तख (मारेका फाल्काटा) दोनों को देखना अपने आप में एक अनोखा नजारा था। बैकल टील, जिसे आखिरी बार 2013 में सुल्तानपुर में देखा गया था उसने एक दशक से अधिक समय के बाद वापसी की है।

इसके अलावा बाज़ बत्तख को देखना भी दुर्लभ माना जाता है, पिछले एक दशक में केवल कुछ ही बार इन्हें देखा गया है। 19 साल के लड़के आश्रय कामथ ने सबसे पहले बैकल टील को देखकर पहचाना था। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, 'हम सुल्तानपुर में पक्षी देख रहे थे, दोपहर का समय था जब हमने बत्तखों के झुंड को देखा। उनमें से एक बत्तख बाकियों से बहुत अलग दिख रही थी। इसके चेहरे पर चमकीले पीले निशान थे।'

आश्रय कामथ ने आगे कहा, 'अपरिचित बत्तख की पहचान करने के लिए उत्सुक होकर, मैंने रिसर्च किया और पाया कि यह बैकल टील है, जिसका इस क्षेत्र में दिखना बेहद दुर्लभ है।' पक्षी देखने के शौकीनों के लिए अब ये एक जरूरी स्थान बन गया है।

बता दें कि सुल्तानपुर नेशनल पार्क 200 से अधिक प्रजातियों के पक्षियों का घर है। यह पार्क जलपक्षियों के लिए भी एक आश्रय स्थल है। ग्रेटर फ्लेमिंगो, ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क, यूरेशियन स्पूनबिल और नॉर्दर्न पिंटेल जैसी प्रजातियाँ अक्सर यहां देखी जाती हैं। बैकल टील जैसी दुर्लभ प्रजातियों का दिखना वास्तव में शहर और उसके आसपास के लोगों के लिए एक ख़ुशी की खबर है।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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