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असम के चाय के बागानों की सैर, जहां चुनाव प्रचार में प्रधानमंत्री ने भी गुजारे थे सुकून के पल

Assam Tea Garden Tourism: असम टूरिज्म की बात आती है, तो चाय के बागानों का जिक्र जरूर होता है। आज हम आपको असम के कुछ शानदार और टूरिस्ट से पसंदीदा चाय बागानों के बारे में बताएंगे।

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असम के चाय बागानों का टूर

Assam Tea Garden Tourism: पूर्वोत्तर भारत का खूबसूरत राज्य असम सिर्फ अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में मशहूर चाय बागानों के लिए भी जाना जाता है। गर्मियों की छुट्टियों में अगर आप ऐसी जगह जाना चाहते हैं, जहां भीड़भाड़ कम हो, मौसम सुकून भरा हो और प्रकृति हर पल आपके साथ चलती महसूस हो, तो असम का टी गार्डन टूरिज्म आपके लिए एक शानदार अनुभव बन सकता है।

हाल ही में चुनावी व्यस्तताओं के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi की असम यात्रा ने एक बार फिर यहां के चाय बागानों को चर्चा में ला दिया। डिब्रूगढ़ के मनोहारी टी एस्टेट में प्रधानमंत्री को स्थानीय महिलाओं के साथ चाय की पत्तियां तोड़ते देखा गया। यह दृश्य सिर्फ एक राजनीतिक दौरे की तस्वीर नहीं था, बल्कि असम की मिट्टी, यहां की संस्कृति और चाय उद्योग से जुड़ी मेहनतकश जिंदगी की झलक भी था। आइए आपको कराते हैं असम के फेमस चाय बागानों की सैर।

चाय से जुड़ी असम की संस्कृति

असम की एक खास पहचान उसकी चाय से है। यहां की चाय सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि अपनी खास खुशबू और गहरे रंग के कारण दुनिया भर में पसंद की जाती है। सुबह-सुबह चाय बागानों के ऊपर तैरती हल्की धुंध, दूर तक फैली हरियाली और पत्तियां तोड़ती महिलाएं ऐसा दृश्य बनाती हैं, जो किसी फिल्मी फ्रेम जैसा लगता है।

यहां आने वाले पर्यटक सिर्फ घूमने नहीं आते, बल्कि वे चाय की पूरी प्रक्रिया को करीब से महसूस करना चाहते हैं। कई टी एस्टेट्स में पर्यटकों को चाय की पत्तियां तोड़ने, प्रोसेसिंग यूनिट देखने और अलग-अलग फ्लेवर की चाय चखने का मौका भी मिलता है। यही वजह है कि असम में टी टूरिज्म तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

मनोहारी टी एस्टेट (Manohari Tea Estate)

बीते दिनों असम का मनोहारी टी एस्टेट सबसे ज्यादा चर्चा में है। डिब्रूगढ़ में स्थित यह एस्टेट अपनी प्रीमियम क्वालिटी चाय के लिए दुनियाभर में मशहूर है। यहां तैयार होने वाली चाय कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचती है।

मनोहारी रिजॉर्ट में रुकना अपने आप में एक अनोखा अनुभव माना जाता है। लकड़ी से बने खूबसूरत कॉटेज, शांत वातावरण और हर सुबह पक्षियों की आवाज के साथ खुलती आंखें शहरों की भागदौड़ से दूर एक नई दुनिया का एहसास कराती हैं। यहां आने वाले पर्यटक अक्सर सूर्योदय के समय चाय बागानों में घूमना सबसे ज्यादा पसंद करते हैं। बीते दिनों असम में चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को यहां स्थानीय महिलाओं के साथ चाय की पत्तियां तोड़ते हुए देखा गया।

डोलू टी एस्टेट, कछार

बराक घाटी में मौजूद डोलू टी एस्टेट बराक वैली की खूबसूरती को और खास बनाता है। यहां की शांत वादियां और चाय बागानों के बीच बहती ठंडी हवा पर्यटकों को सुकून देती है। यदि आप असम घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो आपको डोलू टी एस्टेट जरूर जाना चाहिए।

तिनसुकिया टी गार्डन्स

तिनसुकिया टी गार्डन्स एडवेंचर और नेचर प्रेमियों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। यहां चाय बागानों के साथ स्थानीय असमिया संस्कृति को भी करीब से महसूस किया जा सकता है। यदि आप नेचर लवर हैं और स्थानीय संस्कृति को करीब से देखना और महसूस करना चाहते हैं, तो आपको असम के तिनसुकिया टी गार्डन में जरूर आना चाहिए।

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गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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