Amarnath Yatra 2023: अमरनाथ यात्रा इस वर्ष 1 जुलाई से शुरू होगी और 31 अगस्त को रक्षाबंधन वाले दिन तक रहेगी। भगवान शिव को समर्पित अमरनाथ की यात्रा भारत में सबसे लोकप्रिय तीर्थ यात्राओं में से एक है। ये यात्रा हिमालय में स्थित अमरनाथ की गुफा तक जाती है। यहां तक पहुंचने के लिए अनंतनाग जिले से होकर जाना होता है, जो कि समुद्रतल से करीब 13,600 फीट की ऊंचाई पर है। अनंतनाग जिले से गुफा तक जाने के दो रास्ते बट जाते हैं- एक पहलगाम और दूसरा बालटाल। आपको बता दें पहलगाम मार्ग काफी लंबा है, जहां से गुफा की दूरी करीब 40-45 किलोमीटर है। वहीं, बालटाल रूट से सिर्फ 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक छोटा मार्ग है। लेकिन खड़ी चढ़ाई होने के कारण इसमें जोखिम अधिक हैं। जबकि पहलगाम मार्ग लंबा तो है लेकिन श्रद्धालुओं के लिए इस रास्ते से जाना थोड़ा आसान है। तो चलिए अमरनाथ गुफा तक जाने का पूरा रूट जान लेते हैं।
अमरनाथ यात्रा रूट Amarnath Yatra Route
अमरनाथ की पवित्र गुफा तक पहुंचने के लिए सबसे पहले आपको श्रीनगर पहुंचना है। फिर किसी भी वाहन से पहलगाम या बालटाल तक जाना होगा। दरअसल, पहलगाम और बालटाल से ही पवित्र गुफा तक जाने के रास्ते हैं। हालांकि, यहां पहुंचने के बड़ा आगे आपको पैदल ही यात्रा करना है। पहलगाम से अमरनाथ की पवित्र गुफा की दूरी करीब 40-45 किलोमीटर और बालटाल से लगभग 15 किलोमीटर है।
बालटाल रूट
बालटाल रूट से आप कम समय में अमरनाथ की गुफा तक पहुंच सकते हैं। यह काफी छोटा रूट है, जिसकी दूरी लगभग 15 किलोमीटर ही है। इस रूट से जाने में आप मात्र एक दिन में ही गुफा तक पहुंच सकते हैं। लेकिन, खड़ी चढ़ाई होने के कारण ये रास्ता काफी कठिन हो जाता है। इसलिए इस रूट से ज्यादा बुजुर्ग और बीमार न ही जाएं तो बेहतर है।
पहलगाम रूट:
अमरनाथ यात्रा के लिए पहलगाम रूट सबसे पुराना और सबसे सरल रूट है। भले ही यहां से गुफा तक पहुंचने में थोड़ा समय लगता है लेकिन ये रूट हर वर्ग के श्रद्धालुओं के लिए आरामदायक है। पहलगाम से निकलने के बाद पहला पड़ाव चंदनवाड़ी का आता है, जो कि पहलगाम से करीब 16 किलोमीटर दूर है। यहां तक का रास्ता सपाट है। इसके बाद से थोड़ी चढ़ाई शुरू होती है। इसके आगे अगला स्टॉपेज 3 किलोमीटर बाद पिस्सू टॉप है। इसके बाद यहां से 9 किलोमीटर दूर तीसरा पड़ाव शेषनाग है। शेषनाग के बाद 14 किलोमीटर दूर अगला पड़ाव पंचतरणी है। पंचतरणी से पवित्र गुफा सिर्फ 6 किलोमीटर दूर है। इस तरह पहलगाम रूट से गुफा तक पहुंचने में लगभग 3 दिन का समय लगता है।
