चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है। देश में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए इसकी स्थापना हुई। संविधान का अनुच्छेद 324 इसे चुनाव की निगरानी करने एवं दिशा-निर्देश जारी करने का अधिकार देता है। चुनाव आयोग संसद, विधानसभा, विधान परिषद, राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति का चुनाव कराता है। चुनाव आयोग एक स्वायत्त संस्था है। चुनाव आयोग की स्थापना 1950 में हुई। चुनाव आयोग का सबसे बड़ा अधिकारी मुख्य चुनाव आयुक्त होता है। मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति भारत का राष्ट्रपति करता है। मुख्य चुनाव आयुक्त का कार्यकाल 6 वर्ष या आयु 65 साल तक का होता है। चुनाव आयुक्त का सम्मान और वेतन भारत के सर्वोच्च न्यायलय के न्यायधीश के सामान होता है। मुख्य चुनाव आयुक्त को संसद द्वारा महाभियोग के जरिए ही हटाया जा सकता है।
राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, संसद, राज्य विधानसभा, विधानपरिषदों के चुनाव कराने के अलावा चुनाव आयोग निर्वाचक नामावली, राजनैतिक दलों का पंजीकरण, राजनैतिक दलों का राष्ट्रीय, राज्य स्तर के दलों के रूप मे वर्गीकरण, मान्यता देना, दलों-निर्दलीयों को चुनाव चिन्ह देने का काम करता है। ईसी सांसद/विधायक की अयोग्यता (दल बदल को छोड़कर) पर राष्ट्रपति/राज्यपाल को सलाह देने और गलत निर्वाचन उपायों का उपयोग करने वाले व्यक्तियों को निर्वाचन के लिए अयोग्य घोषित करने का भी काम करता है।