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क्या जल्द हो सकता है बंगाल चुनाव का एलान? कोलकाता पहुंच रहे CEC ज्ञानेश कुमार; राजनीतिक हलचल तेज

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने टीम के साथ राज्य में चुनावी तैयारियों का जायजा लेने को कोलकाता पहुंचेंगे। आयोग का यह दौरा मतदाता सूची की सटीकता और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा पर केंद्रित होगा।

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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (फाइल फोटो: PTI)

Photo : PTI

West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर हलचल तेज हो गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार अपने दोनों चुनाव आयुक्तों के साथ रविवार रात कोलकाता पहुंचने वाले हैं। निर्वाचन आयोग की यह उच्च स्तरीय टीम 9 और 10 मार्च को राज्य में चुनाव संबंधी तैयारियों की समीक्षा करेगी।

बताया जा रहा है कि, इस दौरान आयोग ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ श्रेणी में चिन्हित मतदाताओं के दस्तावेजों के न्यायिक परीक्षण की प्रक्रिया की भी जांच करेगा और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ अहम बैठकें करेगा। गौरतलब है कि, आयोग ने अपनी चुनावी तैयारियों की रणनीति के तहत सबसे पहले केरल का दौरा किया था और अब वह सीधे पश्चिम बंगाल पहुंचकर वहां की स्थिति और व्यवस्थाओं का जायजा लेने जा रहा है।

अन्य चुनावी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश का दौरा

पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी की विधानसभाओं का कार्यकाल मई और जून के बीच अलग-अलग तारीखों पर समाप्त होने वाला है। ऐसे में इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में अप्रैल के दौरान विधानसभा चुनाव कराए जाने की संभावना जताई जा रही है। पश्चिम बंगाल में चुनावी तैयारियों की समीक्षा के बाद निर्वाचन आयोग अन्य चुनावी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश का भी दौरा करेगा। इन चारों राज्यों और पुडुचेरी में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण पहले ही पूरा किया जा चुका है और अंतिम मतदाता सूची भी प्रकाशित की जा चुकी है। माना जा रहा है कि चुनाव आयोग जल्द ही इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों का कार्यक्रम घोषित कर सकता है।

किस पर केंद्रित रहेगा पश्चिम बंगाल का दौरा?

आयोग द्वारा 9 और 10 मार्च को किया जाने वाला दौरा मुख्य रूप से मतदाता सूची की शुद्धता और सटीकता की जांच पर केंद्रित होगा। ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ श्रेणी में शामिल मतदाताओं की समीक्षा इस बात को सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है कि किसी प्रकार की फर्जी वोटिंग न हो सके। इसके अलावा, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक का मकसद सुरक्षा व्यवस्था तय करना और निष्पक्ष चुनाव कराने की रूपरेखा तैयार करना है।

चुनावी कार्यक्रमों की घोषणा होने की संभावना

जैसे ही मुख्य चुनाव आयुक्त और उनकी टीम वापस दिल्ली लौटेगी, वैसे पांच राज्यों जिनमें पश्चिम बंगाल और केरल शामिल हैं, में विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा होने की संभावना काफी बढ़ जाएगी। इन दोनों राज्यों में सत्ताधारी दलों के सामने अपनी राजनीतिक पहचान बनाए रखने की चुनौती है, जबकि विपक्षी दल इस सक्रियता को लेकर बड़ी उम्मीदें लगाए हुए हैं।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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