सुप्रीम कोर्ट ने SIR पर ऐसे क्या निर्देश दिए जो EC ने बंगाल में भेजे 10 और ऑब्जर्वर! जानें- किस अधूरे काम को करना है पूरा?
- Edited by: Nitin Arora
- Updated Jan 21, 2026, 10:10 AM IST
West Bengal News: चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के SIR प्रोसेस को बिना किसी गलती के पूरा करने के लिए कम से कम 10 और इलेक्टोरल रोल ऑब्जर्वर तैनात करने का फैसला किया है। इससे पहले, EC ने SIR प्रोसेस की देखरेख के लिए 12 रोल ऑब्जर्वर और रिटायर्ड IAS अधिकारी सुब्रत गुप्ता को स्पेशल रोल ऑब्जर्वर के तौर पर तैनात किया था।
सुप्रीम कोर्ट ने SIR पर ऐसे क्या निर्देश दिए जो EC ने बंगाल में भेजे 10 और ऑब्जर्वर
SIR in West Bengal: भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रोसेस को बिना किसी गलती के पूरा करने के लिए कम से कम 10 और इलेक्टोरल रोल ऑब्जर्वर तैनात करने का फैसला किया है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट द्वारा EC को कुछ निर्देश जारी करने के एक दिन बाद आया है, जिसमें यह सुनिश्चित करने को कहा गया था कि लॉजिकल गड़बड़ियों के लिए फ्लैग किए गए वोटरों की जांच पारदर्शी तरीके से और जनता को बिना किसी परेशानी के की जाए।
बाद में, चार और स्पेशल रोल ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए।
क्यों भेजने पड़ रहे ऑब्जर्वर?
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, EC ने कम से कम 10 से 12 जिलों की पहचान की है, जिनमें से ज्यादातर उत्तरी बंगाल में हैं, जहां बताया गया कि SIR प्रक्रिया EC के निर्देशों के अनुसार नहीं की जा रही थी। नए रोल ऑब्जर्वर जिनके बुधवार को राज्य में पहुंचने की उम्मीद है, वह फील्ड लेवल पर निगरानी बढ़ाएंगे।
EC ने यह भी संदेश जारी किया है कि किसी भी बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) या संबंधित अधिकारी के लापरवाह पाए जाने पर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और वोटर लिस्ट में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था?
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ECI को निर्देश दिया था कि जिन लोगों के एन्यूमरेशन फॉर्म में 'लॉजिकल गड़बड़ियां' पाई गई हैं, उनके नाम हर तालुका के ग्राम पंचायत भवनों/ब्लॉक ऑफिस के साथ-साथ वार्ड ऑफिस में भी पब्लिश किए जाएं।
कोर्ट ने कहा कि करीब 1.25 करोड़ लोगों को नोटिस भेजे गए हैं, जिनमें माता-पिता के नाम में बेमेल, माता-पिता के साथ उम्र का कम अंतर, माता-पिता के बच्चों की संख्या छह से ज्यादा होना, जैसी गड़बड़ियां बताई गई हैं।
SC ने कहा कि जिन लोगों पर असर पड़ने की संभावना है, उन्हें अपने ऑथराइज्ड प्रतिनिधि के जरिए अपने दस्तावेज और आपत्तियां जमा करने की इजाजत दी जानी चाहिए। ऐसा ऑथराइज्ड प्रतिनिधि BLA हो सकता है और आपत्ति जमा करने वाले व्यक्ति को ऐसे प्रतिनिधि के पक्ष में एक लेटर देना होगा, चाहे वह साइन किया हुआ हो या अंगूठे के निशान वाला हो।
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