WhatsApp ने किशोरों यानी Teen Accounts के लिए नए पैरेंटल कंट्रोल फीचर्स लॉन्च किए हैं। इनकी मदद से माता-पिता यह तय कर सकेंगे कि उनका बच्चा WhatsApp पर किस तरह की प्राइवेसी सेटिंग्स इस्तेमाल करे और किन चीजों के लिए उन्हें अलर्ट मिले। कंपनी ने ये नए कंट्रोल बुधवार, 30 सितंबर को रोल आउट किए हैं।
प्रोफाइल फोटो से लेकर ग्रुप तक पर नजर
नए फीचर्स के तहत माता-पिता यह चुन सकेंगे कि उनके बच्चे की प्रोफाइल फोटो कौन देख सकता है और उसे WhatsApp ग्रुप में कौन जोड़ सकता है। इसके अलावा, माता-पिता को यह नोटिफिकेशन भी मिल सकता है कि उनका बच्चा किसी ग्रुप में शामिल हुआ है या ग्रुप छोड़ चुका है। अगर उस ग्रुप में कोई नया सदस्य जोड़ा जाता है, तो इसकी जानकारी भी माता-पिता को मिल सकती है। यानी बच्चे के WhatsApp ग्रुप्स को लेकर पैरेंट्स के पास पहले के मुकाबले ज्यादा कंट्रोल होगा।
चैनल और स्टेटस पर भी कंट्रोल
WhatsApp के नए पैरेंटल कंट्रोल सिर्फ ग्रुप तक सीमित नहीं हैं। माता-पिता यह भी तय कर सकेंगे कि उनका बच्चा Channels का इस्तेमाल किस तरह करे। इसके अलावा, वे यह चुन सकेंगे कि बच्चा किन लोगों के Status अपडेट देख सकता है और बच्चे के Status को कौन देख सकता है। इन सेटिंग्स में बदलाव करने के लिए बच्चे को माता-पिता की मंजूरी लेनी होगी। इसके लिए माता-पिता की ओर से सेट किया गया PIN इस्तेमाल किया जाएगा।
Meta AI के लिए भी मिलेगा विकल्प
WhatsApp ने Meta AI को लेकर भी अतिरिक्त सुरक्षा विकल्प दिया है। माता-पिता अपने बच्चे के लिए डिफॉल्ट 13+ सेटिंग जारी रख सकते हैं या ज्यादा सख्त ‘Limited Content’ विकल्प चुन सकते हैं। इसका उद्देश्य किशोरों को AI से मिलने वाले कंटेंट पर अतिरिक्त नियंत्रण देना है।
बच्चों के मैसेज नहीं पढ़ पाएंगे माता-पिता
WhatsApp का कहना है कि नए पैरेंटल कंट्रोल लागू होने के बावजूद एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन प्रभावित नहीं होगा। इसका मतलब है कि बच्चे के निजी मैसेज और कॉल पहले की तरह प्राइवेट रहेंगे। माता-पिता को इन फीचर्स के जरिए बच्चे की निजी चैट पढ़ने की सुविधा नहीं मिलेगी।
कंपनी ने कहा है कि इन कंट्रोल्स को परिवारों की जरूरत और उनके फीडबैक के आधार पर धीरे-धीरे तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य माता-पिता और किशोरों के बीच WhatsApp के इस्तेमाल को लेकर बातचीत को बढ़ावा देना है, साथ ही निजी बातचीत की सुरक्षा बनाए रखना है।
सेटअप करना भी आसान
इन पैरेंटल कंट्रोल्स को शुरू करने के लिए माता-पिता को एक PIN सेट करना होगा। इसके बाद वे जरूरी सेटिंग्स चुन सकेंगे और अपने बच्चे की WhatsApp एक्टिविटी से जुड़े अलर्ट प्राप्त कर सकेंगे। ये नए फीचर्स उन परिवारों के लिए वैकल्पिक हैं जो अपने किशोर बच्चों के WhatsApp इस्तेमाल पर अतिरिक्त नियंत्रण चाहते हैं।
13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए भी आया फीचर
WhatsApp ने इससे पहले मार्च 2026 में 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए Parent-Managed Accounts पेश किए थे। ऐसे अकाउंट के लिए बच्चे की उम्र 13 साल से कम या उसके देश में WhatsApp इस्तेमाल करने की निर्धारित न्यूनतम उम्र से कम होनी चाहिए। वहीं, माता-पिता या अभिभावक की उम्र 18 साल से अधिक होनी जरूरी है। Parent-Managed Accounts का इस्तेमाल iPhone और Android पर WhatsApp के लेटेस्ट वर्जन के साथ किया जा सकता है।
