भारत में AI के इस्तेमाल पर भड़के ट्रंप के एडवाइजर, कहा- पैसा हम खर्च कर रहे, मजे भारतीय ले रहे
- Authored by: Pradeep Pandey
- Updated Jan 19, 2026, 10:04 AM IST
पूर्व व्हाइट हाउस चीफ स्ट्रैटेजिस्ट स्टीव बैनन के पॉडकास्ट “Real America Voice” पर बातचीत के दौरान नवारो ने OpenAI के ChatGPT का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ChatGPT जैसे AI प्लेटफॉर्म अमेरिका की जमीन पर चलते हैं, अमेरिकी बिजली का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इनके बड़े यूजर्स भारत, चीन और अन्य देशों में हैं। नवारो ने सवाल किया कि आखिर अमेरिकी उपभोक्ता दूसरे देशों के लिए AI सेवाओं का बोझ क्यों उठाएं।
Trump Trade Adviser Peter Navarro/photo-Canva/uspresidentialhistory
भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा हो रहा है। यह भी सच है कि भारत में एआई का इस्तेमाल बड़ा है लेकिन निवेश बहुत ही कम। अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्रेड एडवाइजर पीटर नवारो ने भारत में AI के इस्तेमाल को लेकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने सवाल उठाया है कि अमेरिकी संसाधनों, खासतौर पर बिजली का इस्तेमाल भारत जैसे देशों में AI सेवाएं देने के लिए क्यों किया जा रहा है। नवारो ने इसे सीधे तौर पर व्यापार से जुड़ा मुद्दा बताया है।
ChatGPT का उदाहरण देकर उठाए सवाल
पूर्व व्हाइट हाउस चीफ स्ट्रैटेजिस्ट स्टीव बैनन के पॉडकास्ट “Real America Voice” पर बातचीत के दौरान नवारो ने OpenAI के ChatGPT का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ChatGPT जैसे AI प्लेटफॉर्म अमेरिका की जमीन पर चलते हैं, अमेरिकी बिजली का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इनके बड़े यूजर्स भारत, चीन और अन्य देशों में हैं। नवारो ने सवाल किया कि आखिर अमेरिकी उपभोक्ता दूसरे देशों के लिए AI सेवाओं का बोझ क्यों उठाएं।
AI डेटा सेंटर्स से बढ़ रही बिजली की कीमतों की चिंता
नवारो ने संकेत दिए कि AI डेटा सेंटर्स की तेजी से बढ़ती संख्या के कारण अमेरिका में बिजली की लागत बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन इस पूरे मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रहा है और आने वाले समय में राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से इस पर सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
भारत-अमेरिका व्यापार तनाव के बीच बयान
नवारो के ये बयान ऐसे समय में आए हैं, जब वॉशिंगटन और नई दिल्ली के बीच व्यापार वार्ताएं चल रही हैं। हाल ही में ट्रंप प्रशासन ने भारतीय आयात पर 50 प्रतिशत तक का टैरिफ लगाया था, जिसमें रूस से तेल खरीदने को लेकर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क भी शामिल था।
रूस से तेल खरीद पर भारत पर आरोप
इससे पहले भी नवारो ने भारत पर आरोप लगाया था कि वह रियायती दरों पर रूसी तेल खरीदकर रूस-यूक्रेन युद्ध को अप्रत्यक्ष रूप से फंड कर रहा है। उन्होंने कहा था कि भारत में रूसी तेल को रिफाइन कर उसे प्रीमियम कीमत पर वैश्विक बाजार में बेचा जाता है, जिससे रूस को युद्ध के लिए धन मिलता है।
AI से जुड़ी बिजली लागत पर ट्रंप सरकार की तैयारी
शुक्रवार को ट्रंप प्रशासन ने घोषणा की कि वह राज्यों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेगा कि AI सेक्टर की तेज ग्रोथ के कारण आम अमेरिकियों के बिजली बिल पर बोझ न बढ़े। अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन के अनुसार, अक्टूबर में औसत बिजली बिल पिछले साल की तुलना में करीब 5 प्रतिशत बढ़ गया है।