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सरकार से बातचीत से पहले दीपके ने जताई अपनी गिरफ्तारी की आशंका, बोले-हमें पकड़ा तो देश भर में फैल जाएगा प्रदर्शन

मीडिया से बातचीत में दीपके ने कहा कि हमें इस बात की जानकारी मिली है कि कल शनिवार और इसके बाद रविवार को देखते हुए जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोगों के आने की उम्मीद जताई जा रही है, इसे देखते हुए सरकार इस रात हमें हिरासत में लेने अथवा गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है।

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कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके।

Abhijeet Dipke : सरकार के साथ बातचीत से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने खुद को हिरासत में लिए जाने अथवा अपनी गिरफ्तारी की आशंका जताई। मीडिया से बातचीत में दीपके ने कहा कि हमें इस बात की जानकारी मिली है कि कल शनिवार और इसके बाद रविवार को देखते हुए जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोगों के आने की उम्मीद जताई जा रही है, इसे देखते हुए सरकार इस रात हमें हिरासत में लेने अथवा गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है।

'हमें हिरासत में लिया तो प्रदर्शन देश भर में फैल जाएगा'

दीपके ने कहा, 'जब ये लोग सोनम वांगचुक को उठाकर ले गए तो प्रदर्शन और बड़ा हो गया। जब छात्रों पर लाठीचार्ज हुआ और वे घायल हुए तो आंदोलन और तेज हो गया। हमें यदि हिरासत में लिया जाता है तो यह प्रदर्शन देश भर में फैल जाएगा। सरकार यदि वास्तव में प्रदर्शन समाप्त कराना चाहती है तो इसका बस एक हल है और वह हल है धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।'

सीजेपी-सरकार में बातचीत

दीपके का यह बयान सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी के बीच कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में बातचीत से ठीक पहले आया। सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह बातचीत कर रहे हैं जबकि सीजेपी की तरफ से प्रवक्ता सौरव दास बात करने पहुंचे हैं। सीजेपी ने शर्त रखी थी कि वे किसी भी नेता के दफ्तर या घर पर मीटिंग नहीं करेंगे।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अडिग CJP

सोनम वांगचुक द्वारा अनशन खत्म किए जाने और केंद्र सरकार द्वारा जे.पी. नड्डा व डॉ. जितेंद्र सिंह के जरिए वार्ता के लगातार दिए जा रहे प्रस्तावों के बीच CJP नेतृत्व अपनी मुख्य मांग पर कायम है। CJP संयोजक ने अपने समर्थकों और प्रदर्शनकारी छात्रों से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन बनाए रखने की अपील की है। सरकार द्वारा दिए गए अन्य आश्वासनों के बावजूद, CJP का स्पष्ट रुख है कि देश की परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और नैतिक जवाबदेही तय करने के लिए शिक्षा मंत्री प्रधान का इस्तीफा ही एकमात्र समाधान है। इस बीच सोनम वांगचुक ने अपना अनशन तोड़ दिया है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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