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शानदार पहलाः पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल पर अंकित है 'ब्रेल लिपि'

Commonwealth Games Medals Consist of Braille: स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में जारी कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए इस बार जो पदक तैयार किए गए हैं उन पर ब्रेल लिपि अंकित है जिससे दृष्टिबाधित खिलाड़ी भी इसमें निहित संदेश को समझ सकते हैं। राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में ऐसा पहली बार किया गया है।

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कॉमनवेल्थ गेम्स के मेडल इस बार सबसे खास हैं (X/CWG)

राष्ट्रमंडल खेलों के लिए इस बार जो पदक तैयार किए गए हैं उन पर ब्रेल लिपि अंकित है जिससे दृष्टिबाधित खिलाड़ी भी इसमें निहित संदेश को समझ सकते हैं। राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में ऐसा पहली बार किया गया है। यह ग्लास्गो में चल रहे खेलों में सभी को समान भाव से देखने की योजना से जुड़ा है। राष्ट्रमंडल खेलों में 10 प्रमुख खेल और छह पैरा खेल में कुल 215 स्वर्ण पदक दांव पर लगे होंगे। इनमें पैरा खेलों में रिकॉर्ड 47 स्वर्ण पदक भी शामिल हैं।

प्रत्येक मेजबान शहर पदकों पर अपनी छाप छोड़ता है, लेकिन ग्लास्गो खेलों के पदकों का डिज़ाइन आम तौर पर चलन में रहने वाले गोलाकार आकार से अलग है। पदकों को शहर के प्रतीक चिन्ह से प्रेरित होकर त्रिकोण रूप दिया गया है। पदक पर बने प्रारूप ग्लासगो के सबसे प्रसिद्ध स्थलों में से एक फिनिस्टन क्रेन से प्रेरित हैं, जो स्कॉटलैंड के जहाज निर्माण के अतीत की याद दिलाता है। इसकी बनावट टार्टन से प्रेरित है, जो स्कॉटलैंड से करीब से जुड़ा एक प्रतीक है। पदक पर बने तीन स्तर पोडियम की तीन सीढ़ियों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

इस पदकों का डिजाइन मिलित्सा मिलेंकोवा ने तैयार किया था। मिलेंकोवा का जन्म बुल्गारिया में हुआ था और अब वह ग्लास्गो स्कूल ऑफ आर्ट में आर्टिस्ट हैं। मिलेंकोवा ने कहा, "मैं चाहती थी कि यह पदक राष्ट्रमंडल खेलों के पदकों में एक विशिष्ट स्थान हासिल करें।"

उन्होंने कहा, "जब मैं पदकों के डिजाइन के बारे में सोच रही थी तो मैं ग्लासगो को एक आकार में समेटना चाहती थी। मैं राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह से प्रभावित थी और उसी को ध्यान में रखते हुए मैंने इन्हें विशिष्ट आकार दिया।"

मिलेंकोवा ने कहा कि ग्लास्गो और स्कॉटलैंड से उनके संबंधों के कारण फिनिस्टन क्रेन और टार्टन को शामिल करना स्वाभाविक था। उन्होंने कहा, "जब मैंने फिनिस्टन क्रेन और उससे बनी आकृतियों का उपयोग किया तो मैंने पाया कि यह मुझे टार्टन की याद दिलाता है। मैं इसे भी शामिल करना चाहती थी क्योंकि यह स्कॉटलैंड का राष्ट्रीय प्रतीक है। पदकों पर पहली बार ब्रेल लिपि अंकित की गई है।"

ऐसा ही कुछ खास टोक्यो ओलंपिक खेलों में हुआ था जब पदकों को वेस्ट सामग्री से बनाया गया था। जो इलेक्ट्रोनिक उपकरण व अन्य चीजें जो लोग इस्तेमाल करने के बाद फेंक देते हैं, उनसे सामान निकालकर पदक तैयार किए गए थे।

(भाषा इनपुट के साथ)

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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