टेक एंड गैजेट्स

सरकार का बड़ा एक्शन, अश्लील कंटेंट के चलते 50 OTT प्लेटफॉर्म्स पर लगाया प्रतिबंध

सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने बताया कि सरकार ने आईटी नियमों के तहत OTT प्लेटफॉर्म्स और डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स के लिए एक संस्थागत व्यवस्था बनाई है, ताकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर नियमों का बेहतर तरीके से पालन कराया जा सके।

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नियमों का उल्लंघन करने की वजह से सरकार ने कई सारे ऐप्स कए बंद। (फोटो क्रेडिट-iStock)

अगर आप भी अपने फोन पर अलग-अलग तरह के OTT ऐप्स इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके काम की है। केंद्र सरकार ने पिछले दो सालों में ऐसे 50 OTT प्लेटफॉर्म्स की भारत में पहुंच बंद कर दी है, जिन पर अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट दिखाए जाने के आरोप थे। सरकार के मुताबिक इन प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद सामग्री आईटी कानून और अन्य संबंधित नियमों का उल्लंघन कर रही थी। इसी आधार पर इनके खिलाफ कार्रवाई की गई।

संसद में एक लिखित जवाब के दौरान केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि जांच के दौरान इन प्लेटफॉर्म्स पर ऐसा कंटेंट मिला, जो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act), भारतीय न्याय संहिता (BNS) और महिलाओं के अशोभनीय प्रतिनिधित्व से जुड़े कानूनों के खिलाफ था। इसी वजह से सरकार ने इनकी सार्वजनिक पहुंच पर रोक लगाने का फैसला किया।

OTT और डिजिटल मीडिया के लिए बने सख्त नियम

सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने बताया कि सरकार ने आईटी नियमों के तहत OTT प्लेटफॉर्म्स और डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स के लिए एक संस्थागत व्यवस्था बनाई है, ताकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर नियमों का बेहतर तरीके से पालन कराया जा सके।

तय हुई समय सीमा

सरकार ने स्पष्ट किया कि आईटी अधिनियम की धारा 79(3)(b) के तहत जरूरत पड़ने पर इंटरमीडियरी प्लेटफॉर्म्स को गैरकानूनी कंटेंट हटाने या उसकी पहुंच रोकने का निर्देश दिया जा सकता है। हाल ही में किए गए संशोधनों के बाद सोशल मीडिया और अन्य इंटरमीडियरी प्लेटफॉर्म्स को अदालत के आदेश या सरकार की अधिकृत एजेंसी की सूचना मिलने के तीन घंटे के भीतर संबंधित कंटेंट हटाना या ब्लॉक करना होगा।

ऑनलाइन गेमिंग पर भी सरकार का फोकस

सरकार ने बताया कि डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन कानून का उद्देश्य लोगों के निजी डेटा की सुरक्षा और बच्चों की ऑनलाइन प्राइवेसी को मजबूत करना है। वहीं, ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े नए कानून का मकसद युवाओं में बढ़ती डिजिटल लत और गेमिंग से होने वाले आर्थिक नुकसान जैसी समस्याओं पर नियंत्रण पाना है। सरकार का कहना है कि इन सभी कदमों का उद्देश्य इंटरनेट को अधिक सुरक्षित बनाना, गैरकानूनी कंटेंट पर रोक लगाना और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही बढ़ाना है।

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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