स्पैम कॉल से मिलेगी राहत
ट्राई ने दूरसंचार कंपनियों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि इस ‘निर्णायक कार्रवाई’ से बिना पंजीकरण वाले टेलीमार्केटिंग कंपनियों की तरफ से उपभोक्ताओं को की जाने वाली स्पैम कॉल में कमी आने और ग्राहकों को राहत मिलने की उम्मीद है। ट्राई ने बयान में कहा, ‘‘स्पैम कॉल करने वाली गैर-पंजीकृत टेलीमार्केटिंग कंपनियों के सभी दूरसंचार साधनों का कनेक्शन काट देने और दूरसंचार वाणिज्यिक संचार ग्राहक वरीयता विनियमन, 2018 के तहत ऐसी कॉल करने वालों को ब्लैकलिस्ट में डालने के लिए दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को निर्देश दिए गए हैं।’’
इस दिशा में ट्राई ने थोक कनेक्शन और दूसरे दूरसंचार साधनों का इस्तेमाल करने वाले सभी गैर-पंजीकृत टेलीमार्केटर (यूटीएम) से प्रचार के लिए की जाने वाली कॉल पर रोक लगाना सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के लिए अनिवार्य कर दिया है, चाहे ये संदेश पहले से रिकॉर्ड हों या कंप्यूटर-जनित हों।
दो साल के लिए होंगे ब्लैक लिस्ट
इसके अलावा ऐसी गैर-पंजीकृत यूनिट्स को दो साल के लिए ब्लैक लिस्ट में भी डाल दिया जाएगा। इस दौरान किसी भी दूरसंचार कंपनी की तरफ से उन्हें नए दूरसंचार संसाधन आवंटित नहीं किए जाएंगे। नियामक ने कहा कि यह निर्देश जारी होने के एक महीने के भीतर दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को डीएलटी मंच पर स्थानांतरित किया जाएगा और उसके बाद सात दिन के भीतर अनुपालन रिपोर्ट देनी होगी।
ट्राई ने सभी दूरसंचार कंपनियों को अपने नवीनतम निर्देश का अनुपालन करने और हर महीने की पहली और 16 तारीख को इस संबंध में की गई कार्रवाई पर नियमित अपडेट देने का भी निर्देश दिया है। नियामक ने स्पैम कॉल पर लगाम लगाने की मंशा से पिछले हफ्ते सभी दूरसंचार कंपनियों के नियामकीय प्रमुखों के साथ बैठक की थी। इस बैठक में एयरटेल, बीएसएनएल, रिलायंस जियो, टाटा टेलीसर्विसेज लिमिटेड, वोडाफोन आइडिया लिमिटेड, क्वॉड्रेंट टेलीवेंचर्स लिमिटेड (क्यूटीएल) और वी-कॉन मोबाइल एंड इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों ने शिरकत की थी।
इनपुट-भाषा
