आज के दौर में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। जेब में आसानी से फिट होने वाले ये डिवाइस कैमरा, इंटरनेट, बैंकिंग और मनोरंजन जैसी दर्जनों सुविधाएं एक साथ देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया का पहला मोबाइल फोन इतना बड़ा और भारी था कि उसे लंबे समय तक हाथ में पकड़ना भी आसान नहीं था? यही फोन आधुनिक मोबाइल क्रांति की शुरुआत बना।
1 किलो से भी ज्यादा था वजन
दुनिया का पहला मोबाइल फोन Motorola DynaTAC 8000X था, जिसे 1983 में बाजार में लॉन्च किया गया। इस फोन का वजन करीब 1.1 किलोग्राम था। इसकी लंबाई लगभग 25 सेंटीमीटर थी और ऊपर लगी लंबी एंटीना के कारण यह और भी बड़ा दिखाई देता था। इसी वजह से इसे उस समय लोग मजाक में "ब्रिक फोन" (ईंट जैसा फोन) भी कहते थे।
कीमत सुनकर रह जाएंगे हैरान
आज जहां कुछ हजार रुपये में स्मार्टफोन खरीदा जा सकता है, वहीं दुनिया के पहले मोबाइल फोन की कीमत 3,995 अमेरिकी डॉलर थी। अगर मौजूदा समय के हिसाब से इसकी कीमत का अनुमान लगाया जाए तो यह लगभग 3 से 4 लाख रुपये या उससे भी अधिक के बराबर बैठती है। उस दौर में यह फोन केवल अमीर लोगों और बड़े कारोबारी वर्ग की पहुंच में था।
बैटरी चलती थी सिर्फ 30 मिनट
इतनी भारी कीमत और बड़े आकार के बावजूद इस फोन की बैटरी बेहद सीमित थी। इसे पूरी तरह चार्ज होने में करीब 10 घंटे लगते थे, जबकि लगातार बात करने पर यह केवल 30 मिनट तक ही चलता था। स्टैंडबाय टाइम भी करीब 8 घंटे का था, जो आज के स्मार्टफोन की तुलना में बेहद कम माना जाएगा।
स्टोर हो सकते थे सिर्फ 30 नंबर
Motorola DynaTAC 8000X में आज के स्मार्टफोन जैसी कोई स्मार्ट सुविधा नहीं थी। इसमें केवल 30 कॉन्टैक्ट नंबर सेव किए जा सकते थे। न कैमरा था, न इंटरनेट, न मैसेजिंग ऐप और न ही टचस्क्रीन। इसका मुख्य उद्देश्य केवल वायरलेस कॉलिंग की सुविधा देना था।
पहली मोबाइल कॉल ने रचा था इतिहास
मोबाइल फोन के इतिहास में सबसे बड़ा मोड़ 3 अप्रैल 1973 को आया, जब मोटोरोला के इंजीनियर मार्टिन कूपर ने दुनिया की पहली हैंडहेल्ड मोबाइल कॉल की थी। यह कॉल उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी कंपनी के एक इंजीनियर को की थी। करीब दस साल बाद इसी तकनीक पर आधारित पहला व्यावसायिक मोबाइल फोन बाजार में उतारा गया।
आज के स्मार्टफोन से कितना अलग था पहला मोबाइल?
आज के स्मार्टफोन का वजन आमतौर पर 170 से 250 ग्राम के बीच होता है, जबकि दुनिया का पहला मोबाइल 1 किलो से भी ज्यादा भारी था। आधुनिक फोन में 5G, हाई-रिजॉल्यूशन कैमरा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फास्ट चार्जिंग और कई दिनों तक चलने वाली बैटरी जैसी सुविधाएं मिलती हैं। वहीं पहला मोबाइल केवल कॉल करने और रिसीव करने तक सीमित था।
मोबाइल तकनीक ने बदल दी दुनिया
पिछले चार दशकों में मोबाइल तकनीक ने लंबा सफर तय किया है। एक समय जो डिवाइस केवल अमीर लोगों की पहचान माना जाता था, वही आज दुनिया के अरबों लोगों की रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है। दुनिया के पहले भारी-भरकम मोबाइल फोन ने ही उस तकनीकी क्रांति की नींव रखी, जिसकी बदौलत आज स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का सबसे जरूरी गैजेट बन चुका है।
