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दिल्ली में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने कसी कमर, कहा- अस्पतालों में नहीं है बेड, डॉक्टरों और दवाओं की कमी

दिल्ली में मौसमी इन्फ्लूएंजा के मामलों में लगातार बढ़ोतरी ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। इस साल अब तक राजधानी में 2,602 मामले सामने आए हैं, जिनमें 1,777 एच1एन1 संक्रमण के हैं। हालांकि, दिल्ली सरकार का कहना है कि अस्पतालों में पर्याप्त बेड, डॉक्टर, दवाएं और जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं।

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इन्फ्लूएंजा के मामलों में बढ़ोतरी से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है स्वास्थ्य विभाग

Delhi News: दिल्ली में इस साल अब तक इन्फ्लूएंजा-ए के 2,392 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 1,777 एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) के मामले शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि सिर्फ गुरुवार को ही 114 एच1एन1 के 114 मामले सामने आए। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने शुक्रवार को कहा कि शहर मौसमी इन्फ्लूएंजा के मामलों में बढ़ोतरी से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। मंत्री ने मौसमी इन्फ्लूएंजा और मच्छर जनित बीमारियों से निपटने से संबंधित दिल्ली की तैयारियों की समीक्षा के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा की अध्यक्षता में आयोजित एक बैठक में भाग लिया। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को इन्फ्लूएंजा के कुल 159 मामले सामने आए। इनमें से 155 इन्फ्लुएंजा-ए के मामले थे। इनमें 114 एच1एन1, दो एच1, एक एच3 और 38 अन्य इन्फ्लुएंजा-ए के मामले थे। इन्फ्लूएंजा-बी के भी चार मामले सामने आए।

इन्फ्लूएंजा के कुल कितने मामले सामने आए?

इस साल दिल्ली में दर्ज किए गए इन्फ्लूएंजा के कुल 2,602 मामलों में 2,392 इन्फ्लूएंजा-ए के मामले और 210 इन्फ्लूएंजा-बी के मामले शामिल हैं। इन्फ्लुएंजा-ए के मामलों में 1,777 एच1एन1, 37 एच1, 138 एच3 और 440 अन्य मामले हैं। बैठक के बाद जारी एक आधिकारिक बयान में सिंह ने कहा कि राजधानी के अस्पतालों में बिस्तरों, डॉक्टरों, दवाओं या आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि मरीजों की संख्या पर नजर रखी जा रही है और जरूरतों के अनुसार अस्पताल की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। बयान के अनुसार, दिल्ली राज्य स्वास्थ्य मिशन, एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) के जरिए गहन निगरानी बनाए हुए है। इसके तहत आईडीएसपी-आईएचआईपी पोर्टल के जरिए रिपोर्ट किए गए इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई), गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण (एसएआरआई) और इन्फ्लूएंजा के मामलों की दैनिक निगरानी की जा रही है और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नियमित अपडेट साझा किए जा रहे हैं।

जांच, रिपोर्टिंग और निगरानी के लिए परामर्श जारी

बयान में कहा गया कि मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारियों, जिला निगरानी अधिकारियों और अस्पतालों को आईएलआई, एसएआरआई और इन्फ्लूएंजा के मामलों की जांच, रिपोर्टिंग और निगरानी के लिए परामर्श जारी किए गए हैं। बयान के अनुसार, स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को लक्षणों और फॉलो-अप प्रोटोकॉल पर संवेदनशील और प्रशिक्षित किया जा रहा है, जबकि जिला अधिकारियों के लिए हाल में एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। बयान में बताया गया कि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी), दिल्ली छावनी बोर्ड, शिक्षा विभाग, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और अन्य हितधारकों की बैठक में निर्देश दिए गए हैं कि इन्फ्लूएंजा की रोकथाम और नियंत्रण पर जन जागरूकता तथा सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) गतिविधियों को तेज किया जाए।

डेंगू के 246 और मलेरिया के 80 मामले सामने आए

वहीं दिल्ली में इस साल डेंगू के 246 और मलेरिया के 80 मामले सामने आए हैं, तथा दोनों में से किसी भी बीमारी से कोई मौत नहीं हुई है। चिकनगुनिया के मामले 19 रहे, इनमें भी कोई मौत दर्ज नहीं की गई। बयान में कहा गया कि वेक्टर-नियंत्रण उपायों के तहत स्थानीय निकायों ने 3.20 लाख घरों में छिड़काव किया है, मच्छर का लार्वा मिलने वाले 91,217 घरों की पहचान की, 74,591 कानूनी नोटिस जारी किए और 6,724 पर कार्रवाई शुरू की। इसमें कहा गया है कि दिल्ली सरकार रोकथाम और नियंत्रण के लिए एमसीडी, एनडीएमसी, दिल्ली छावनी बोर्ड और अन्य विभागों के साथ समन्वय कर रही है, जबकि आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से डेंगू और मलेरिया की निगरानी, प्रशिक्षण, जागरूकता और घर-घर जाकर संपर्क अभियान जारी है।

केंद्र सरकार देगी हर संभव सहायता

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि दिल्ली की पूरी तैयारी रिपोर्ट केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा के साथ साझा की गई है, जिसमें बिस्तरों, डॉक्टरों, दवाओं और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था शामिल है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया है कि केंद्र हर संभव सहायता प्रदान करेगा। सिंह ने नागरिकों से भीड़भाड़ वाले स्थानों में मास्क का उपयोग करने, हाथों की स्वच्छता बनाए रखने, श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों के संपर्क से बचने और खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टरों से परामर्श करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "जनस्वास्थ्य की तैयारी एक सतत प्रक्रिया है। हमारी प्राथमिकता शुरुआती पहचान, समय पर इलाज और अस्पताल की पर्याप्त क्षमता सुनिश्चित करना है।"

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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