ऑस्ट्रेलिया के बाद अब इस देश में भी बच्चों के लिए बैन हुआ सोशल मीडिया, क्या भारत है अगला?
- Authored by: Pradeep Pandey
- Updated Feb 4, 2026, 04:17 PM IST
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने घोषणा की कि देश में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस संबंध में कानून अगले हफ्ते तक पारित हो सकता है। अगर ऐसा होता है, तो स्पेन ऐसा करने वाला पहला यूरोपीय देश बन जाएगा। वहीं, ग्रीस भी इसी तरह के प्रतिबंध पर विचार कर रहा है।
ऑस्ट्रेलिया के बाद अब इस देश में भी बच्चों के लिए बैन हुआ सोशल मीडिया, क्या भारत है अगला? (फोटो क्रेडिट-iStock)
सोशल मीडिया पर बच्चों और किशोरों की बढ़ती निर्भरता को लेकर दुनियाभर में चिंता बढ़ती जा रही है। इसी कड़ी में अब स्पेन ने ऑस्ट्रेलिया के नक्शे कदम पर चलते हुए 16 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या भारत भी भविष्य में ऐसा कोई सख्त फैसला ले सकता है?
स्पेन का बड़ा फैसला, यूरोप में पहली बार सख्ती
मंगलवार को स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने घोषणा की कि देश में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस संबंध में कानून अगले हफ्ते तक पारित हो सकता है। अगर ऐसा होता है, तो स्पेन ऐसा करने वाला पहला यूरोपीय देश बन जाएगा। वहीं, ग्रीस भी इसी तरह के प्रतिबंध पर विचार कर रहा है।
क्यों सोशल मीडिया से बच्चों को दूर करना चाहते हैं देश
कई देशों की सरकारें बच्चों पर सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभाव को लेकर चिंतित हैं। साइबर बुलिंग, ईटिंग डिसऑर्डर से जुड़ा कंटेंट, आत्म-हानि को बढ़ावा देने वाली पोस्ट और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को इसके प्रमुख कारण बताया जा रहा है। इसके अलावा डिजिटल एडिक्शन और AI से बने आपत्तिजनक कंटेंट भी बड़ी चिंता का विषय बन चुके हैं। हाल ही में X के Grok चैटबॉट को लेकर आरोप लगे थे कि उसने बिना सहमति लोगों की तस्वीरों को गलत तरीके से इस्तेमाल किया।
ऑस्ट्रेलिया से क्या सीख सकता है बाकी दुनिया
ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला देश बना, जिसने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया। यह कानून दिसंबर में पास हुआ था। इसके तहत TikTok, Instagram, YouTube, X और Snapchat जैसे प्लेटफॉर्म्स को नाबालिगों के अकाउंट हटाने और सख्त उम्र सत्यापन सिस्टम लागू करने का आदेश दिया गया।
नियम न मानने पर कंपनियों पर भारी जुर्माने का प्रावधान रखा गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ ही हफ्तों में करीब 50 लाख अंडर-एज अकाउंट्स बंद कर दिए गए। हालांकि Meta जैसी कंपनियों ने इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए वैकल्पिक समाधान की मांग की।
क्या भारत भी उठा सकता है ऐसा कदम?
भारत में भी बच्चों और किशोरों में डिजिटल एडिक्शन को लेकर चर्चा तेज हो रही है। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में डिजिटल लत को एक गंभीर समस्या बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया कि यह बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास को नुकसान पहुंचा रही है, ठीक वैसे ही जैसे कुपोषण और मोटापा शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। सर्वे में सरकार को सोशल मीडिया के लिए उम्र आधारित सीमाओं और बच्चों को टारगेट करने वाले विज्ञापनों पर नियंत्रण पर विचार करने की सलाह दी गई है।