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Samsung ने बैन किया ChatGPT, ये लोग अब इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे चैटबॉट

  • Authored by: अंशुमन साकल्ले
  • Updated May 3, 2023, 02:25 PM IST

Samsung ने सुरक्षा करणों के चलते अपने सभी कर्मचारियों को ChatGPT जैसे AI Tools का इस्तेमाल करने से मना कर दिया है। इसके अलावा दफ्तर से बाहर भी इनका उपयोग करते समय सतर्क रहने की सलाह कंपनी ने दी है।

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कंपनी ने अपने सभी कर्मचारियों को इस सुविधा के दुरुपयोग के चलते चैटजीपीटी इस्तेमाल करने से मना कर दिया है।

Photo : BCCL
KEY HIGHLIGHTS
  • सैमसंग ने बैन किया चैटजीपीटी
  • सुरक्षा कारणों से लगाई गई रोक
  • कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश

Samsung Bans ChatGPT: सैमसंग अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स को बैन कर रही है जिसमें चैटजीपीटी भी शामिल है। कंपनी ने अपने सभी कर्मचारियों को इस सुविधा के दुरुपयोग के चलते चैटजीपीटी इस्तेमाल करने से मना कर दिया है। हालांकि साउथ कोरिया की इस कंपनी ने अस्थाई तौर पर चैटजीपीटी बैन किया है, वो भी कंपनी के पर्सनल कंप्यूटर्स पर। सैमसंग के सबसे बड़े डिविजन के सभी कर्मचारियों को मेमो जारी कर कहा गया है कि इस टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया है कि कर्मचारियों ने चैटजीपीटी पर कुछ संवेदनशील कोड्स अपनोड कर दिए थे।

धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा चैटजीपीट

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाले इस टूल का इस्तेमाल दुनिया भर में धड़ल्ले से हो रहा है। चैटजीपीटी फायदेमंद होने के साथ बहुत से मामलों में बेहद नुकसानदायक भी है जिसका उदाहरण हाल में आए ठगी के कई मामले हैं। फिलहाल सैमसंग का कोई एआई प्रोडक्ट नहीं है और चैटजीपीटी को यूएस की ओपनएआई फर्म ने बनाया है जिसमें माइक्रोसॉफ्ट का पैसा लगा है। गूगल पहले ही बार्ड नामक टूल पेश कर चुका है। ऐसे में विदेशी कंपनियों के हाथ अगर सैमसंग के डेटा लगता है तो ये काफी खतरनाक हो सकता है।

कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश

सैमसंग ने अपने कर्मचारियों को दफ्तर के बाहर भी सभी एआई टूल्स का इस्तेमाल करते समय सतर्कता बरतने को कहा है। इसके अलावा कंपनी से जुड़ी कोई भी जानकारी यहां साझा नहीं करने पर विशेष जोर दिया गया है। कंपनी ने एक व्यापक सर्वे पिछले महीने ही कराया है जिसमें 65 फीसदी लोगों का कहना है कि यहां जनरेटिव एआई का इस्तेमाल करते समय सुरक्षा पर बड़ा रिस्क बना रहाता है। सिर्फ सैमसंग ही नहीं, जेपीमॉर्गन जैसी बड़ी कंपनी ने भी अपने स्टाफ को चैटजीपीटी इस्तेमाल नहीं करने को कहा है।

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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