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Ola Cabs: ओला के CEO हेमंत बख्शी ने दिया इस्तीफा, कंपनी 200 कर्मचारियों को भी निकालेगी

Ola Cabs CEO Hemant Bakshi Quits: सीईओ हेमंत बख्शी के इस्तीफे के बाद कंपनी 10% (करीब 200) अन्य कर्मचारियों की भी छंटनी करने वाली है। ओला कैब्स रिस्ट्रक्चरिंग तब करने जा रही है, जब इसका प्लान अगले तीन महीनों में IPO के लिए आवेदन करने का है।

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Ola Cabs

Ola Cabs CEO Hemant Bakshi Resigns: ओला कैब्स के सीईओ हेमंत बख्शी ने इस्तीफा दे दिया है। ओला कैब्स (Ola Cabs) में शामिल होने के तीन महीने बाद ही वे कंपनी छोड़ रहे हैं। ओला कैब्स के फाउंडर भाविश अग्रवाल कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्ट बने रहेंगे। कंपनी करीब 200 लोगों को निकालने भी जा रही है। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, ओला कैब्स एक रिस्ट्रक्चरिंग भी करेगी, जिससे टीम का साइज कम से कम 10% कम हो जाएगा। इसके नतीजे में लगभग 200 लोगों को नौकरी से निकाला जाएगा।

200 कर्मचारियों की छंटनी करेगी कंपनी

ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, सीईओ हेमंत बख्शी के इस्तीफे के बाद कंपनी 10% (करीब 200) अन्य कर्मचारियों की भी छंटनी करने वाली है। ओला कैब्स रिस्ट्रक्चरिंग तब करने जा रही है, जब इसका प्लान अगले तीन महीनों में IPO के लिए आवेदन करने का है। ओला इलेक्ट्रिक पहले ही दिसंबर में सेबी के पास आईपीओ के लिए डॉक्यूमेंट जमा कर चुकी है और इसके सेबी की मंजूरी का इंतजार है।

जनवरी में ज्वाइन की थी कंपनी

ओला कैब्स के सीईओ से पहले एचयूएल (HUL) के एग्जीक्यूटिव रहे हैं। बख्शी ने जनवरी में कहा था कि एएनआई टेक्नोलॉजीज (ओला फ्लीट, ओला फाइनेंशियल सर्विसेज और ओला स्टोर्स की पेरेंट कंपनी) 31 मार्च, 2023 को समाप्त वित्तीय वर्ष में ब्याज, कर, डेप्रिसिएशन (मूल्यह्रास) और एबिटा (Ebitda) के आधार पर कमाई पर लाभदायक हो गई थी।

बख्शी ने कहा था कि स्टैंडअलोन राइड-हेलिंग बिजनेस ने वित्त वर्ष 2013 में 250 करोड़ रुपये का एबिटा दर्ज किया, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में 66 करोड़ रुपये का एबिटा-स्तर का नुकसान हुआ था। उन्होंने जनवरी में कहा था कि इस अवधि के दौरान राजस्व 58% बढ़कर 2,135 करोड़ रुपये हो गया।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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