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भारत-पाक बॉर्डर के पास बुलडोजर एक्शन, जैसलमेर में 50 KM दायरे में छह मस्जिद और मदरसे ध्वस्त

Bulldozer Action: राजस्थान के जैसलमेर में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास जिला प्रशासन ने 'ऑपरेशन क्लीन' के तहत बड़ी कार्रवाई की है। राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ के एक आदेश के बाद, सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील 50 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों में सरकारी जमीन पर बनी छह कथित अवैध मस्जिदों और मदरसों को हटा दिया गया

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हाईकोर्ट के आदेश के बाद जैसलमेर बॉर्डर पर प्रशासन का बड़ा एक्शन (फाइल फोटो)

Photo : PTI

Bulldozer Action: राजस्थान के सीमावर्ती जिले जैसलमेर में जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा और अवैध निर्माणों के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाया है। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा (India Pak border security) के करीब सरकारी जमीन पर बिना अनुमति के बनाई गईं छह कथित मस्जिदों और मदरसों की इमारतों को अतिक्रमण रोधी अभियान के तहत पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।

जिला प्रशासन ने इस कार्रवाई को 'ऑपरेशन क्लीन' का नाम दिया है। जिसके तहत नाचना, तनोट और शाहगढ़ जैसे बेहद संवेदनशील इलाकों में जेसीबी मशीनों की मदद से इन अवैध ढांचों को साफ किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई मीरपुर, हिंदोलों की ढाणी, अहमदपुरा और धानाना जैसे सीमावर्ती गांवों में की गई।

अवैध निर्माणों पर हुई कार्रवाई-प्रशासन

इस दौरान कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए पुलिस बल के साथ-साथ सुरक्षा एजेंसियों की भारी तैनाती की गई थी। प्रशासन ने साफ किया कि जिन इमारतों पर यह कार्रवाई हुई है, वे पूरी तरह से सरकारी जमीन पर कब्जा करके बनाई गई थीं। इसमें से कुछ जमीन पोंग बांध परियोजना के कारण विस्थापित हुए परिवारों के पुनर्वास के लिए आरक्षित रखी गई थी, जिस पर यह अवैध निर्माण कर लिया गया था।

राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है- हाईकोर्ट

सुरक्षा के लिहाज से यह पूरा इलाका बेहद संवेदनशील माना जाता है क्योंकि जिन गांवों में यह अभियान चलाया गया, वे अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज 50 किलोमीटर की दूरी के भीतर आते हैं। दरअसल, यह पूरा मामला काफी समय से लंबित था, लेकिन हाल ही में 13 जुलाई को राजस्थान उच्च न्यायालय की जोधपुर पीठ ने इस पर एक अहम फैसला सुनाया। अदालत ने सीमावर्ती क्षेत्रों में धार्मिक संस्थानों को जारी किए गए बेदखली और कारण बताओ नोटिस को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं को सिरे से खारिज कर दिया।

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में बेहद कड़े शब्दों में कहा कि देश की 'राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है' और इससे कोई समझौता नहीं किया जा सकता। अदालत से हरी झंडी मिलते ही जैसलमेर जिला प्रशासन हरकत में आया और भारी सुरक्षा घेरे के बीच इस लंबे समय से रुके हुए अभियान को शांतिपूर्ण तरीके से अंजाम दे दिया।

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मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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