Windows 11 के लिए Microsoft ला रहा है धमाकेदार फीचर, मैलवेयर अटैक से सेफ रहेंगे सिस्टम
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- Updated Feb 12, 2026, 06:00 PM IST
आसान शब्दों में समझाएं तो आपके द्वारा सिस्टम पर इंस्टाल किया गए ऐप्स और ड्राइवर्स तभी चल पाएंगे जब वे वेरिफाइड पब्लिशर द्वारा साइन किया गया होगा। हालांकि कंपनी ने इसमें कंपनी ने यूजर्स को मैनुअली सेटिंग बदलने का भी ऑप्शन दिया है।
नए सेफ्टी फीचर्स से लैपटॉप-डेस्कटॉप मैलवेयर से रहेंगे सेफ। (फोटो क्रेडिट-Digit)
टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट ने Windows 11 यूजर्स के लिए बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने विंडोज यूजर्स को स्कियोरिटी की एक नई लेयर दे दी है। यूजर्स के डेटा को प्रोटेक्ट करने के लिए कंपनी की तरफ से ‘Windows Baseline Security Mode’ नाम का एक नया सिक्योरिटी फीचर पेश किया गया है। इस नए फीचर का मकसद सिस्टम में मौजूद अनसाइन ऐप्स और दूसरे ड्राइवर्स को रन होने से रोकना है। आइए आपको इस नए फीचर की डिटेल जानकारी देते हैं।
आपको बता दें कि डिजिटल वर्ल्ड में साइबर क्राइम और मैलवेयर अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में कंपनी चाहती है कि उसका Windows 11 डिफाल्ट रूप से पूरी तरह से सेफ रहे जिससे यूजर्स का डेटा सेफ बना रहे और यूजर्स को किसी भी तरह की परेशान न हो। ‘Windows Baseline Security Mode’ एक्टिव होने के बाद सिस्टम में वहीं ऐप्स और ड्राइवर्स चल पाएंगे जिनके पास वैध डिजिटल सिग्नेचर होगा।
सिस्टम में चलेंगे सिर्फ ये ऐप्स चलेंगे
आसान शब्दों में समझाएं तो आपके द्वारा सिस्टम पर इंस्टाल किया गए ऐप्स और ड्राइवर्स तभी चल पाएंगे जब वे वेरिफाइड पब्लिशर द्वारा साइन किया गया होगा। हालांकि कंपनी ने इसमें कंपनी ने यूजर्स को मैनुअली सेटिंग बदलने का भी ऑप्शन दिया है। लेकिन अगर आप सेटिंग नहीं बदलते तो सिस्टम डिफाल्ट रूप से ज्यादा सेफ्टी सुरक्षा के साथ काम करेगा।
मैलवेयर अटैक से बचेंगे सिस्टम
आपको बता दें कि Windows Baseline Security Mode खासकर नए कंप्यूटर और नए Windows इंस्टॉल के लिए बनाया जा रहा है। जब यह मोड चालू होगा, तो Windows 11 सिर्फ वही ऐप्स और ड्राइवर चलाएगा जो पूरी तरह से ट्रस्टेड होंगे। इसका एक बड़ा फायदा यह होगा कि किसी तरह के मैलवेयर और दूसरे साइबर अटैक के सिस्टम को सुरक्षित किया जा सकेगा। Microsoft के अनुसार, यह फीचर पहले से मौजूद सुरक्षा तकनीकों जैसे ड्राइवर साइनिंग और एप्लिकेशन कंट्रोल पर ही आधारित है। फर्क सिर्फ इतना है कि अब इन्हें एक आसान और डिफॉल्ट सिक्योरिटी पैकेज के रूप में दिया जाएगा। यानी यूजर्स को अलग-अलग सेटिंग्स बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
