टेक एंड गैजेट्स

6G की ग्लोबल रेस को लीड करने को तैयार भारत, जानें कब होगा लॉन्च

6G In India: केपीएमजी इंडिया की एक लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, "भारत में टेक्नोलॉजी, मीडिया और दूरसंचार (टीएमटी) क्षेत्र के 55 प्रतिशत संगठनों ने एआई को पूरी तरह से इंटीग्रेट कर लिया है, जबकि 37 प्रतिशत स्केलिंग स्टेज में हैं।" सीओएआई ने आगे कहा, "1.2 बिलियन टेलीकॉम सब्सक्राइबर बेस के साथ, इस साल अक्टूबर तक प्रति वायरलेस डेटा सब्सक्राइबर औसत मासिक डेटा खपत 21.30 जीबी तक पहुंच गई है।"

Image

6G Technology

6G In India: सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) ने सोमवार को कहा कि भारत 6जी की ओर वैश्विक दौड़ का नेतृत्व करने के लिए तैयार है, जिसमें तकनीकी नेतृत्व को आगे बढ़ाने का एक बेहतरीन अवसर है। भारत 6जी विजन जैसे चल रहे प्रयासों के साथ, सरकार का लक्ष्य देश से 10 प्रतिशत 6जी पेटेंट बनाना है और '6जी इकोसिस्टम पर रिसर्च को आगे बढ़ाना' पर 470 प्रपोजल का मूल्यांकन कर रही है।

सीओएआई के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. एसपी कोचर ने कहा, "टेलीकॉम में डिजिटल इनोवेशन की तीव्र गति को कस्टमर सर्विस, ऑपरेशनल सपोर्ट, नेटवर्क ऑप्टिमाइजेशन और ऑटोमेशन, प्रीडिक्टिव मेंटेनेंस, फ्रॉड प्रिवेंशन जैसे एरिया में एआई और जेनएआई टेक्नोलॉजी को बड़े स्तर पर अपनाए जाने के साथ देखा जा सकता है।"

केपीएमजी इंडिया की एक लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, "भारत में टेक्नोलॉजी, मीडिया और दूरसंचार (टीएमटी) क्षेत्र के 55 प्रतिशत संगठनों ने एआई को पूरी तरह से इंटीग्रेट कर लिया है, जबकि 37 प्रतिशत स्केलिंग स्टेज में हैं।" सीओएआई ने आगे कहा, "1.2 बिलियन टेलीकॉम सब्सक्राइबर बेस के साथ, इस साल अक्टूबर तक प्रति वायरलेस डेटा सब्सक्राइबर औसत मासिक डेटा खपत 21.30 जीबी तक पहुंच गई है।" कोचर ने कहा, "अक्टूबर तक, 4,60,592 से अधिक 5जी बीटीएस साइटें स्थापित की गईं, जिससे 5जी यूजर्स आधार में उछाल आया, जो 125 मिलियन को पार कर गया और 2026 तक 350 मिलियन तक पहुंचने का अनुमान है।"

फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस भारत में 5जी इस्तेमाल के एक प्रमुख मामले के रूप में उभरा, जिसके लॉन्च के एक साल के भीतर कनेक्शन लगभग 3 मिलियन तक पहुंच गए। जीडीपी में एक प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में, यह क्षेत्र प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 4 मिलियन से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान कर रहा है। वैश्विक निकाय जीएसएमए का अनुमान है कि भारत में 5जी में अपेक्षित ट्रैफिक वृद्धि को पूरा करने के लिए 2 गीगाहर्ट्ज मिड-बैंड स्पेक्ट्रम की आवश्यकता होगी।

सीओएआई ने कहा, "6 गीगाहर्ट्ज आखिरी बचा हुआ मिड-बैंड स्पेक्ट्रम है, जहां मोबाइल नेटवर्क के साथ शहर-व्यापी कवरेज प्रदान किया जा सकता है, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि इस बैंड को आईएमटी को आवंटित किया जाए।" यह भी कहा गया, "इसके अलावा, 6 गीगाहर्ट्ज बैंड पर काम करने वाले वाई-फाई 6ई वायरलेस राउटर को भारत में उपभोक्ताओं को ई-कॉमर्स वेबसाइटों के जरिए अवैध रूप से बेचे जाने की एक और बढ़ती चिंता है, हालांकि दूरसंचार विभाग ने इसके इस्तेमाल के संबंध में निर्णय नहीं लिया है।"

इनपुट-आईएएनएस

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

और पढ़ें
End of Article