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क्या YouTube की छुट्टी कर देगा Bilibili, क्रिएटर्स को 1,000 व्यूज पर दे रहा 60 रुपये?

ग्लोबल विस्तार के तहत Bilibili ने अपने इंटरनेशनल ऐप को अपडेट किया है। शुरुआती तौर पर इसका फोकस Android यूजर्स पर बताया जा रहा है। कंपनी की रणनीति में iOS ऐप और English-Language Website भी शामिल हैं।

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Monetisation के लिए क्या हो सकती है शर्त?

चीन का वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म Bilibili अब अपनी पहुंच चीन से बाहर बढ़ाने की तैयारी में है। YouTube के विकल्प के तौर पर देखे जाने वाले इस प्लेटफॉर्म ने ग्लोबल मार्केट में क्रिएटर्स और दर्शकों को आकर्षित करने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने अपना इंटरनेशनल ऐप अपडेट किया है और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के क्रिएटर्स को अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ने के लिए नई रणनीति पर काम कर रही है।

1,000 व्यूज पर करीब ₹60-66 देने की रिपोर्ट

Bilibili की ग्लोबल विस्तार योजना के बीच क्रिएटर्स के लिए कथित पेआउट भी चर्चा में है। सोशल मीडिया पर चल रही रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी क्रिएटर्स को 1,000 व्यूज पर करीब 0.70 डॉलर यानी लगभग ₹60 से ₹66 तक देने की पेशकश कर रही है।

हालांकि, यहां यह ध्यान रखना जरूरी है कि Bilibili ने किसी निश्चित पेआउट रेट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए ₹60-66 प्रति 1,000 व्यूज को गारंटीड कमाई के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। किसी क्रिएटर की वास्तविक कमाई ऑडियंस की लोकेशन, विज्ञापन की मांग, कंटेंट कैटेगरी, ट्रैफिक की क्वालिटी और लागू कटौतियों जैसे कई कारकों पर निर्भर कर सकती है।

Monetisation के लिए क्या हो सकती है शर्त?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, Bilibili के Monetisation Programme में शामिल होने के लिए क्रिएटर्स को कम से कम 100 सब्सक्राइबर और 2,000 वैलिड पब्लिक व्यूज की जरूरत हो सकती है। इसके अलावा चैनल और कंटेंट की जांच भी की जा सकती है। इस जांच में कंटेंट की मौलिकता, कॉपीराइट नियमों का पालन और Artificial Engagement जैसी चीजें शामिल हो सकती हैं। इसका उद्देश्य प्लेटफॉर्म पर वास्तविक और ओरिजिनल कंटेंट को बढ़ावा देना हो सकता है।

इंटरनेशनल ऐप को किया जा रहा है अपडेट

ग्लोबल विस्तार के तहत Bilibili ने अपने इंटरनेशनल ऐप को अपडेट किया है। शुरुआती तौर पर इसका फोकस Android यूजर्स पर बताया जा रहा है। कंपनी की रणनीति में iOS ऐप और वेबसाइट भी शामिल हैं।

विदेशी यूजर्स के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसान बनाने और ऐप का अनुभव स्थानीय जरूरतों के हिसाब से तैयार करने पर भी काम किया जा रहा है। इससे Bilibili को चीन के बाहर नए यूजर्स और क्रिएटर्स जोड़ने में मदद मिल सकती है।

कई देशों में Community Managers की भर्ती

Bilibili अपनी ग्लोबल कम्युनिटी को मजबूत करने के लिए अलग-अलग देशों में कर्मचारियों की भर्ती भी कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी लॉस एंजिल्स, लंदन, टोक्यो, इस्तांबुल, मैक्सिको सिटी और साओ पाउलो जैसे शहरों में Community Managers की नियुक्ति कर रही है। इसके साथ ही कंपनी एक ऐसे Marketplace पर भी काम कर रही है, जो क्रिएटर्स को ब्रांड्स से जोड़ने में मदद कर सके। इससे क्रिएटर्स के लिए Sponsorship और Brand Collaboration के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

350 मिलियन से ज्यादा मंथली एक्टिव यूजर्स

Bilibili की शुरुआत 2009 में हुई थी और तब से यह चीन के प्रमुख वीडियो प्लेटफॉर्म में शामिल हो चुका है। रिपोर्ट्स के अनुसार, प्लेटफॉर्म के 350 मिलियन से ज्यादा मंथली एक्टिव यूजर्स हैं, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में इसका यूजर बेस 376 मिलियन से अधिक बताया गया है। कंपनी का मजबूत यूजर बेस उसे ग्लोबल मार्केट में विस्तार करने के लिए एक बड़ा आधार देता है। हालांकि, चीन के बाहर YouTube जैसे स्थापित प्लेटफॉर्म से मुकाबला करना Bilibili के लिए आसान नहीं होगा।

MrBeast जैसे बड़े क्रिएटर भी जुड़े

Bilibili पर अंतरराष्ट्रीय क्रिएटर्स की मौजूदगी भी बढ़ रही है। दुनिया के चर्चित YouTubers में शामिल MrBeast ने 2024 में इस प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करना शुरू किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Bilibili पर उनके फॉलोअर्स की संख्या करीब 8.8 मिलियन तक पहुंच चुकी है। ऐसे बड़े क्रिएटर्स की मौजूदगी Bilibili के लिए ग्लोबल ऑडियंस को आकर्षित करने में मददगार हो सकती है। साथ ही दूसरे अंतरराष्ट्रीय क्रिएटर्स को भी प्लेटफॉर्म पर आने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।

YouTube के सामने कितनी बड़ी चुनौती?

Bilibili के पास बड़ा यूजर बेस और मजबूत वीडियो कम्युनिटी जरूर है, लेकिन ग्लोबल क्रिएटर इकोसिस्टम के मामले में अभी यह YouTube से काफी पीछे है। खास तौर पर विज्ञापन बाजार, Monetisation और Creator Fund के स्तर पर YouTube का नेटवर्क ज्यादा बड़ा और स्थापित है।

फिर भी Bilibili का ग्लोबल विस्तार क्रिएटर्स के लिए एक नया विकल्प तैयार कर सकता है। अगर कंपनी बेहतर Monetisation, आसान रजिस्ट्रेशन, ब्रांड डील्स और स्थानीय भाषाओं व कंटेंट को बढ़ावा देती है, तो वह चीन के बाहर अपनी पहचान मजबूत कर सकती है।

हालांकि, ₹60-66 प्रति 1,000 व्यूज वाला आंकड़ा अभी आधिकारिक तौर पर तय नहीं माना जा सकता। Bilibili की ग्लोबल सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह क्रिएटर्स को कितनी आकर्षक कमाई, दर्शकों को कितना बेहतर अनुभव और ब्रांड्स को कितना मजबूत विज्ञापन प्लेटफॉर्म उपलब्ध करा पाती है।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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