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Pikashow पर देखते हैं फिल्म तो सरकार की यह चेतावनी पढ़ लें, बाद में ये मत कहना कि बताया नहीं

सरकारी चेतावनी में साफ कहा गया है कि Pikashow एक असुरक्षित एप है, जिस पर दिखाया जाने वाला कंटेंट पायरेटेड होता है। यानी इस एप के जरिए फिल्में या शो देखना कॉपीराइट कानून का उल्लंघन है। हैरानी की बात यह है कि इसके बावजूद लाखों भारतीय यूजर इस एप का इस्तेमाल कर रहे हैं।

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Pikashow App Alert/Photo-Pikashow

अगर आप Pikashow App के जरिए फ्री में फिल्में और वेब सीरीज देख रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) के तहत काम करने वाले Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) और Cyber Dost ने इस एप को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। सरकारी एजेंसियों के मुताबिक, Pikashow जैसे एप पर कंटेंट देखना सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि कानूनी अपराध भी हो सकता है।

क्यों खतरनाक है Pikashow App

सरकारी चेतावनी में साफ कहा गया है कि Pikashow एक असुरक्षित एप है, जिस पर दिखाया जाने वाला कंटेंट पायरेटेड होता है। यानी इस एप के जरिए फिल्में या शो देखना कॉपीराइट कानून का उल्लंघन है। हैरानी की बात यह है कि इसके बावजूद लाखों भारतीय यूजर इस एप का इस्तेमाल कर रहे हैं।

डेटा और प्राइवेसी पर बड़ा खतरा

Pikashow जैसे अनऑफिशियल एप्स यूजर्स के लिए बड़ा साइबर खतरा बन सकते हैं। सरकारी एजेंसियों के अनुसार, इस एप के जरिए आपके फोन में मालवेयर या स्पायवेयर प्रवेश कर सकता है। इससे आपकी निजी जानकारी, फोटो, कॉन्टैक्ट्स और यहां तक कि बैंकिंग डिटेल्स भी लीक होने का खतरा रहता है।

बैंक अकाउंट और डिजिटल सुरक्षा पर असर

इमेज में दी गई चेतावनी के अनुसार, इस तरह के एप्स आपके UPI, नेट बैंकिंग और अन्य फाइनेंशियल ऐप्स की जानकारी चुरा सकते हैं। एक बार डेटा लीक होने पर साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी और आर्थिक नुकसान का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

कानूनी कार्रवाई भी संभव

सरकार ने साफ किया है कि पायरेटेड कंटेंट देखने और फैलाने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। आईटी एक्ट और कॉपीराइट कानून के तहत यूजर पर जुर्माना या अन्य सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।

क्या करें यूजर

सरकारी एजेंसियों की सलाह है कि यूज़र केवल कानूनी और आधिकारिक OTT प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करें। किसी भी अनजान या फ्री मूवी देने वाले एप को डाउनलोड करने से पहले उसकी सुरक्षा और वैधता जरूर जांचें।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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