Google Sues Scammers: अल्फाबेट के स्वामित्व वाले गूगल ने पांच अज्ञात स्कैमर्स के खिलाफ मुकदमा किया है। गूगल का कहना है कि इन स्कैमर्स ने कंपनी के एआई चैटबॉट बार्ड के नाम पर यूजर्स को फेक एप डाउनलोड कराया है। गूगल का आरोप है कि इन जालसाजों ने AI Bard की तलाश कर रहे लोगों को उनके कंप्यूटर पर मैलवेयर डाउनलोड करने के लिए बरगलाया है। बता दें कि AI Bard गूगल का एक आर्टिफिशियल चैटबॉट है, जिसे ChatGPT की टक्कर में लाया गया है।
गूगल ने किया मुकदमा
इस मामले में गूगल ने पांच अज्ञात स्कैमर्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। कैलिफोर्निया के उत्तरी जिले में दायर इस मुकदमे में गूगल ने दावा किया है कि जालसाजों ने सोशल मीडिया अकाउंट बनाएं हैं जो लोगों को बार्ड का नकली वर्जन डाउनलोड करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। जब यूजर्स ने फाइल डाउनलोड की तो इसने उनके डिवाइस पर स्पाइवेयर इंस्टॉल कर दिया, जिससे स्कैमर्स को उनके सोशल मीडिया अकाउंट तक पहुंच बनाने का एक्सेस मिल गया।
गौरतलब है कि गूगल का मुकदमा किसी प्रमुख टेक कंपनी की ओर से अपनी तरह का पहला मुकदमा है। यह इस बात पर प्रकाश डालता है कि कैसे नए कानूनी मुद्दे सामने आएंगे, क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का क्रेज दुनिया भर के देशों में देखने मिल रहा है।
एक ब्लॉग पोस्ट में गूगल के जनरल काउंसिल हलीमा डेलेन प्राडो ने कहा कि जैसे-जैसे नए जेनरेटिव एआई टूल्स में जनता का उत्साह बढ़ा है, स्कैमर्स तेजी से यूजर्स की कमजोरी का फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी ट्रेडमार्क उल्लंघन के लिए स्कैमर्स पर मुकदमा कर रही है क्योंकि उन्होंने अपनी जालसाजी को बढ़ावा देने के लिए गूगल के लोगो का उपयोग किया था। स्कैमर्स ने लोगों को गुमराह करने के लिए Google AI, AIGoogle.Plus, AIGoogle Bard FB और AIGoogleBard जैसे भ्रामक नामों वाले अकाउंट और पेज बनाएं हैं।
कंपनी अनुबंध के उल्लंघन के लिए भी मुकदमा कर रही है। कंपनी ने दावा किया है कि दो व्यक्तियों ने 117,000 से अधिक वेबसाइटों के खिलाफ कॉपीराइट उल्लंघन के हजारों फर्जी नोटिस जमा करने के लिए कम से कम 65 गूगल अकाउंट भी बनाए हैं।
