टेक एंड गैजेट्स

WhatsApp Username Feature पर Meta ने सरकार को दिया जवाब, भारत में लॉन्च पर अभी रोक

Meta ने WhatsApp Username Feature को लेकर सरकार को जवाब सौंप दिया है। IT मंत्रालय इसकी समीक्षा कर रहा है। जांच पूरी होने तक भारत में फीचर लॉन्च नहीं होगा।

Image

Meta ने WhatsApp Username Feature को लेकर सरकार को जवाब सौंप दिया है

Photo : iStock

Meta के स्वामित्व वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp ने अपने नए Username Feature को लेकर केंद्र सरकार के नोटिस का जवाब दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक, WhatsApp की ओर से भेजे गए जवाब को सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय (IT Ministry) जांच रहा है। सरकार की समीक्षा पूरी होने तक यह नया फीचर भारत में लॉन्च नहीं किया जाएगा।

सरकार ने जताई थी साइबर फ्रॉड की चिंता

दरअसल, WhatsApp एक ऐसा फीचर लाने की तैयारी कर रहा है, जिसमें यूजर्स बिना अपना मोबाइल नंबर शेयर किए भी दूसरे लोगों से चैट कर सकेंगे। इस फीचर के तहत हर यूजर के लिए एक अलग Username होगा, जिसके जरिए लोग एक-दूसरे से संपर्क कर पाएंगे। लेकिन सरकार ने इस फीचर को लेकर चिंता जताई थी। केंद्र का मानना है कि अगर यूजर का फोन नंबर छिप जाएगा और सिर्फ Username के जरिए बातचीत होगी, तो इससे ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट और फर्जी पहचान (Impersonation) जैसे मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। इसी वजह से सरकार ने पिछले सप्ताह Meta को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था और कहा था कि जब तक इस मामले पर संतोषजनक चर्चा पूरी नहीं हो जाती, तब तक WhatsApp इस फीचर को भारत में लॉन्च न करे।

WhatsApp ने मांगा था अतिरिक्त समय

सरकार के नोटिस के बाद WhatsApp ने जवाब देने के लिए कुछ अतिरिक्त समय मांगा था। कंपनी ने सरकार को भरोसा दिलाया था कि चर्चा पूरी होने तक भारत में Username Feature शुरू नहीं किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, गुरुवार को जवाब जमा करने की अंतिम तारीख भी खत्म हो गई और WhatsApp ने अपना पक्ष सरकार के सामने रख दिया। अब IT मंत्रालय कंपनी के जवाब और उससे जुड़े सभी तथ्यों की जांच करेगा।

Meta ने बताया फीचर में होंगे सुरक्षा इंतजाम

WhatsApp ने पहले ही साफ किया था कि Username Feature अभी भारत में लाइव नहीं है और इसे धीरे-धीरे इस साल के अंत तक लॉन्च किया जाएगा। कंपनी के अनुसार, यूजर्स की सुरक्षा के लिए कई स्तरों पर सुरक्षा व्यवस्था तैयार की गई है। WhatsApp ने कहा है कि बड़े नाम जैसे सरकारी संस्थान, मशहूर हस्तियां, सार्वजनिक व्यक्ति और वेरिफाइड Meta अकाउंट के नाम सुरक्षित रखे जाएंगे, ताकि कोई दूसरा व्यक्ति उनका गलत इस्तेमाल न कर सके। इसके अलावा, मिलते-जुलते फर्जी नामों को भी रोकने के लिए सिस्टम तैयार किया गया है।

बिना नंबर शेयर किए कर सकेंगे बातचीत

WhatsApp का कहना है कि Username Feature आने के बाद भी अकाउंट बनाने के लिए फोन नंबर जरूरी रहेगा। यानी यूजर पूरी तरह नंबर से अलग नहीं होंगे, लेकिन बातचीत के दौरान अपना नंबर छिपा सकेंगे। कंपनी ने बताया कि कोई भी व्यक्ति आपको मैसेज भेजने के लिए आपका सही Username जानता होना चाहिए। इसके अलावा, एक अकाउंट से नए लोगों को बार-बार संपर्क करने की सीमा तय की जाएगी, ताकि गलत गतिविधियों को रोका जा सके। WhatsApp ने यह भी कहा है कि सिस्टम ऐसे व्यवहार की पहचान करेगा, जो फर्जी पहचान या स्कैम से जुड़ा हो सकता है।

पहली बार मैसेज करने वालों की मिलेगी जानकारी

WhatsApp के अनुसार, जब कोई व्यक्ति पहली बार Username के जरिए किसी को मैसेज करेगा तो रिसीवर को कुछ अतिरिक्त जानकारी दिखाई जाएगी। यूजर को बताया जाएगा कि सामने वाला नया अकाउंट है या नहीं, वह कॉन्टैक्ट लिस्ट में है या नहीं, दोनों के बीच कोई कॉमन ग्रुप है या नहीं और वह किस देश से है। इससे यूजर तय कर पाएंगे कि उन्हें उस व्यक्ति को जवाब देना है या नहीं।

Telegram और Signal से भी मांगा गया जवाब

WhatsApp के अलावा सरकार ने Telegram और Signal को भी Username Feature से जुड़े नोटिस भेजे हैं। सरकार ने इन प्लेटफॉर्म से पूछा है कि वे फर्जी पहचान, ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराधों को रोकने के लिए क्या कदम उठा रहे हैं। WhatsApp के भारत में करीब 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं, इसलिए सरकार इस फीचर को लेकर विशेष सावधानी बरत रही है। फिलहाल Meta का जवाब सरकार के पास पहुंच चुका है और अब मंत्रालय की समीक्षा के बाद ही तय होगा कि WhatsApp Username Feature भारत में कब और किस तरह लॉन्च किया जाएगा।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article