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Global Investors Summit 2025: मध्य प्रदेश में 20000 लोगों को मिलेगी नौकरी, गेमिंग-विजुअल इफेक्ट को बढ़ावा देगी सरकार

Global Investors Summit 2025: एवीजीसी-एक्सआर नीति अब एनिमेशन, वीएफएक्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी (एक्सआर) जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों को एकीकृत करके इस ढांचे का विस्तार करती है। अधिकारी ने कहा कि व्यापक दृष्टिकोण के साथ मध्यप्रदेश न केवल फिल्म निर्माण को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि एक संपूर्ण डिजिटल कंटेंट इकोसिस्टम विकसित कर रहा है।

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Global Investors Summit 2025

Global Investors Summit 2025: अपने महत्वाकांक्षी ग्लोबल इवेंस्टर्स समिट-2025 से कुछ सप्ताह पहले मध्यप्रदेश सरकार ने दो हजार करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने और 20,000 से अधिक नौकरियां पैदा करने के लिए अपनी एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी नीति पेश की है।

मध्यप्रदेश के विज्ञान और टेक्नोलॉजी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) संजय दुबे ने सोमवार को पीटीआई-भाषा को बताया कि नई नीति राज्य को एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और विस्तारित वास्तविकता या एक्सटेंडेड रियलिटी (एवीजीसी-एक्सआर) के लिए एक अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए तैयार की गई है।

दुबे ने कहा, ‘‘2029 तक 2,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने और 20,000 से अधिक नौकरियां पैदा करने के लक्ष्य के साथ यह नीति भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।’ उन्होंने कहा कि नीति एक समग्र दृष्टिकोण प्रदान करती है, जिसमें वित्तीय प्रोत्साहन, कौशल विकास, बुनियादी ढांचे का निर्माण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को एकीकृत किया गया है।

भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 1993 बैच के अधिकारी और आईआईटी (दिल्ली) स्नातक दुबे ने कहा, ‘‘आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम में अपनी मौजूदा ताकत के साथ-साथ राज्य की स्थापित फिल्म नीति के आधार पर एवीजीसी-एक्सआर नीति-2025 एक पूर्ण विकसित मीडिया और मनोरंजन इकोसिस्टम बनाने में कमी को पूरा करती है।"

एवीजीसी-एक्सआर नीति अब एनिमेशन, वीएफएक्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी (एक्सआर) जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों को एकीकृत करके इस ढांचे का विस्तार करती है। उन्होंने कहा कि इस व्यापक दृष्टिकोण के साथ मध्यप्रदेश न केवल फिल्म निर्माण को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि एक संपूर्ण डिजिटल डिजिटल कंटेंट इकोसिस्टम विकसित कर रहा है।

आम बजट 2025-26 में नवाचार, अनुसंधान एवं विकास और डिजिटल बदलाव पर ध्यान केंद्रित करने और मध्यप्रदेश इस राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ खुद को कैसे संरेखित करेगा, इस बारे में पूछे जाने पर, दुबे ने कहा कि डीप-टेक, एआई और डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार पर बजट का जोर मध्यप्रदेश की एवीजीसी-एक्सआर आकांक्षाओं को पूरा करता है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी नीति वित्तीय प्रोत्साहनों के माध्यम से अनुसंधान एवं विकास तथा बौद्धिक संपदा (आईपी) निर्माण को सक्रिय रूप से बढ़ावा देती है, जैसे आईपी पंजीकरण के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी तथा एआर/वीआर जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए समर्थन। इसके अतिरिक्त, हमारा एवीजीसी-एक्सआर सेंटर ऑफ एक्सिलेंस (सीओई) अत्याधुनिक अनुसंधान को बढ़ावा देगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि मध्यप्रदेश वैश्विक डिजिटल सामग्री निर्माण में सबसे आगे रहे।

अन्य राज्यों की तुलना में इस क्षेत्र में मध्यप्रदेश के काम पर प्रकाश डालते हुए दुबे ने कहा कि मध्यप्रदेश देश में सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी नीति ढांचे में से एक की पेशकश करके एवीजीसी-एक्सआर के लिए एक सक्रिय दृष्टिकोण अपना रहा है। वहीं कर्नाटक, महाराष्ट्र और तेलंगाना जैसे राज्यों में मजबूत एवीजीसी उद्योग हैं, हमारी नीति वित्तीय प्रोत्साहन, बुनियादी ढांचे के समर्थन और प्रतिभा विकास के मिश्रण के माध्यम से नए मानक स्थापित करती है।

उन्होंने कहा, ‘‘आगामी 20 एकड़ का मीडिया पार्क, प्लग-एंड-प्ले प्रोडक्शन स्पेस, सीओई और आईटी पार्कों में भूमि आवंटन के साथ मिलकर हमें एक अलग लाभ देता है। इसके अतिरिक्त एमपी स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एमपीएसईडीसी) के माध्यम से एकल खिड़की प्रणाली सुगमता सुनिश्चित करतर है, जिससे मध्यप्रदेश एवीजीसी कंपनियों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बन जाता है।

इनपुट-भाषा

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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