Odisha Cash Haul: कांग्रेस सांसद धीरज कुमार साहू के परिवार के स्वामित्व वाली ओडिशा स्थित डिस्टिलरी कंपनी से छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई है। यह बरामदगी भारत में किसी भी जांच एजेंसी द्वारा की गई अब तक की सबसे बड़ी जब्ती है, जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। नकदी के बाद आईटी डिपार्टमेंट अब सोने के आभूषण की तलाश में जुट गया है। इसके लिए टेक्नोलॉजी की मदद ली जा रही है।
जियो सर्विलांस सिस्टम
आईटी डिपार्टमेंट सोने के आभूषण की तलाश के लिए हाई टेक टेक्नोलॉजी की मदद ले रही है। इसके लिए जियो सर्विलांस सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। डिपार्टमेंट को शक है कि साहू से जुड़े परिसर में सोने के आभूषण जमीन के नीचे छिपाए जा सकते हैं। अधिकारियों ने कहा कि आईटी टीमें झारखंड के रांची और लोहरदगा में धीरज साहू के दो घरों पर जियो सर्विलांस सिस्टम का उपयोग कर रही हैं।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने कहा कि इस सिस्टम की मदद से जमीन के नीचे छिपे आभूषणों और अन्य कीमती सामानों का आसानी से पता लगाने में मदद मिलती है। आयकर विभाग को संदेह है कि डिस्टिलरीज और संबंधित संस्थाओं पर छापे के दौरान बरामद नकदी का विशाल भंडार देशी शराब की बिक्री के कमाया गया है। बता दें कि धीरज कुमार साहू के खिलाफ कर चोरी और गैरकानूनी लेनदेन के आरोप में 6 दिसंबर को छापेमारी शुरू की गई थी।
क्या है जियो सर्विलांस सिस्टम
जियो सर्विलांस सिस्टम की मदद से जमीन के अंदर और दीवारों में आभूषण जैसे सोना और अन्य कीमती सामानों को खोजा जा सकता है। यह तकनीक दीवारों के गुप्त केविन और जमीन को परखने का काम करती है।
